Waqf Bill: वक्फ बिल पर सीएम नीतीश ने पीएम मोदी को क्यों दिया समर्थन, मुस्लिम नेताओं ने कर दिया खुलासा
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 05 Apr 2025 2:33 PM
पटना में जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की प्रेस वार्ता
Waqf Bill: सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने वक्फ बिल पर बीजेपी का समर्थन क्यों किया इसे लेकर पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने खुलासा किया है. शनिवार को जेडीयू के मुस्लिम नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी चल रहीं सभी कयासों को दूर किया. प्रेस कांफ्रेंस ने गुलाम गौस और अहमद अशफाक करीम जैसे कई नेता मौजूद रहे.
Waqf Bill: वक्फ बिल (Waqf Bill) के संसद से पारित होने के बाद बिहार के सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) में उठे विवाद को लेकर पार्टी ने स्थिति साफ कर दी है. जेडीयू के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने बताया कि वक्फ बिल पर नीतीश कुमार के द्वारा दिए गए पांच सुझावों को मानने के बाद पार्टी ने इसका समर्थन किया. पार्टी के मुस्लिम नेताओं ने शनिवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें उन्होंने पार्टी में बगावत की अफवाहों का खंडन किया.
कौन-कौन नेता रहे मौजूद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एमएलसी गुलाम गौस और पूर्व सांसद अहमद अशफाक करीम जैसे नेता भी मौजूद थे, जिन्होंने पहले वक्फ बिल का विरोध किया था, हालांकि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोई बयान नहीं दिया. जेडीयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी और प्रवक्ता अंजुम आरा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हमेशा मुस्लिम समाज के विकास के लिए बड़े कदम उठाए हैं और उनके नेतृत्व में अल्पसंख्यक समाज के हितों से कोई समझौता नहीं किया जा सकता. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वक्फ संशोधन बिल को लेकर उनकी पार्टी ने जो पांच सुझाव दिए थे, उन सभी को स्वीकार कर लिया गया है.
प्रेस कांफ्रेंस बीच में छोड़ गए कुछ नेता
जदयू प्रदेश कार्यालय में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के तीन एमएलसी और दो पूर्व सांसद मौजूद रहे, लेकिन किसी ने अपना विचार नहीं रखा. कुछ नेता बीच में ही उठकर चले गए.
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क्या थे जदयू के 5 सुझाव
जदयू ने बीजेपी सरकार को पांच सुझाव दिया था
- जमीन राज्य का मामला है, इस पर कोई छेड़छाड़ न की जाए.
- वक्फ बिल को पूर्व प्रभावी तरीके से यानी पिछली डेट में लागू नहीं किया जाए.
- वक्फ की गैर-पंजीकृत संपत्ति जिस पर कोई दरगाह, ईदगाह, कब्रिस्तान या कोई अन्य धार्मिक भवन बना हुआ है, उससे कोई छेड़छाड़ न की जाए
- वक्फ संपत्ति से जुड़े विवादों के निराकरण के लिए डीएम से ऊपर के अधिकारी को अधिकृत किया जाए
- वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा को 6 महीने से बढ़ाया जाए.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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