Bihar Land Survey: किस्तवार क्या होता है? जमीन सर्वे के लिए क्यों है जरूरी, जानिए डिटेल

Bihar Land Survey
Bihar Land Survey: बिहार में चल रहे भूमि सर्वेक्षण का अहम चरण है किस्तवार. इसमें क्या-क्या होता है, इसे लेकर राज्य सरकार ने अहम जानकारी जारी की है.
Bihar Land Survey: बिहार में चल रहा भूमि सर्वेक्षण कई चरणों में किया जाएगा. इन्हीं चरणों में से एक चरण है किस्तवार. बहुत से लोगों को नहीं पता है कि आखिर किस्तवार क्या होता है. ऐसे में बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय ने भूमि मापी और सीमांकन की प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले ‘किस्तवार’ के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है.
क्या है किस्तवार?
किस्तवार, जो दो शब्दों “किस्त” और “वार” से मिलकर बना है, भूमि को मापने की एक प्रक्रिया है. इसका उद्देश्य खेतों और भूमि के विभिन्न खंडों को सही-सही माप कर उनके अधिकारों और स्वामित्व को स्पष्ट करना है. किस्त का अर्थ है भूमि का एक खंड यानी एक खेत जो कई सीमाओं से घिरा हुआ है. एक निश्चित पैमाने पर उन सीमाओं के आधार पर भूमि का सटीक नक्शा बनाने की प्रक्रिया को ही किस्तवार कहा जाता है.
किस्तवार में क्या होता है?
किस्तवार प्रक्रिया के तहत भूमि के नक्शे तैयार किए जाते हैं, जिससे भूमि के स्वामित्व और सीमाओं का निर्धारण होता है. यह प्रक्रिया भूमि स्वामित्व अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है. इसमें खेतों के विभाजन के साथ-साथ गांव की सीमाओं का निर्धारण भी शामिल है, ताकि किसी भी तरह के भूमि विवाद से बचा जा सके.
कैसे किया जा रहा किस्तवार
विभाग ने बताया कि किस्तवार प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. इससे भूमि के नक्शे और सीमाएं अधिक सटीक हो रही हैं और ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की भूमि सीमाओं का भी सही तरीके से अंकन हो रहा है. यह तकनीक उन क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी है जहां भूमि विवाद या सीमांकन संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं.
जमीन सर्वे में किस्तवार की भूमिका
किस्तवार राज्य में चल रही भूमि सर्वेक्षण प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. किस्तवार के आधार पर स्वामित्व के अनुसार अधिकार अभिलेख तैयार किया जाता है, जिसमें गांव और शहर की सीमाओं की पहचान की जाती है. इसमें गांव की सरहद पर पड़ने वाले . इसलिए सर्वेक्षण और बंदोबस्त में किस्तवार के आधार पर तैयार अधिकार अभिलेख न्यायिक प्रक्रिया में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और राजस्व संबंधी मामलों में सटीकता प्रदान करता है.
समस्याओं के समाधान के लिए कहां संपर्क करें ?
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नागरिकों की सुविधा के लिए एक टोल फ्री नंबर 18003456215 जारी किया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति भूमि मापी या सीमांकन से संबंधित समस्या, शिकायत या सुझाव के लिए संपर्क कर सकता है. साथ ही विभाग ने जनता को भूमि सर्वेक्षण और राजस्व संबंधी मामलों की जानकारी के लिए यूट्यूब चैनल से जुड़ने का सुझाव भी दिया है, ताकि वे इस प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझ सकें.
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By Anand Shekhar
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