बिना हथकड़ी जा रहे थे सीटी स्कैन कराने, मौका देख हुए फरार दो कैदी, पुलिस ने दोनों को किया बरामद
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 14 Sep 2020 4:26 AM
पटना : पीएमसीएच राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक स्थित केएल वार्ड से रविवार को 25 वर्षीय बैजू कुमार व 23 साल का सन्नी कुमार नाम के दो कैदी फरार हो गये. जिसके बाद पुलिस प्रशासन से लेकर पीएमसीएच अस्पताल परिसर तक चर्चा का विषय बना रहा.
पटना : पीएमसीएच राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक स्थित केएल वार्ड से रविवार को 25 वर्षीय बैजू कुमार व 23 साल का सन्नी कुमार नाम के दो कैदी फरार हो गये. जिसके बाद पुलिस प्रशासन से लेकर पीएमसीएच अस्पताल परिसर तक चर्चा का विषय बना रहा. सुबह में डॉक्टर से दिखाने के बाद दोपहर करीब 12:30 बजे सिटी स्कैन कराने के दौरान कैदी भाग थे. जानकारी मिलते ही पीरबहोर थाने से अतिरिक्त जवान भेजे गये, इसके बाद रेडियोलॉजी विभाग के सामने से दोनों कैदियों को बरामद किया गया. मारपीट के बाद दोनों कैदी के सिर में चोट लगी थी, जिसे इलाज के लिए अगमकुआं थाने से होमगार्ड के दो जवान लेकर आये थे. अस्पताल की पर्ची पर दोनों का पता गांधी नगर कॉलोनी, अगमकुआं लिखवाया गया है. पांच घंटे तक दोनों कैदी कहां गायब थे, पुलिस इसकी जांच शुरू कर दी है. पुलिस परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है. वहीं प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पीएमसीएच में इलाज के दौरान दोनों कैदियों के हाथ में हथकड़ी नहीं लगी थी. कैंपस में आने के दौरान हाथ में रस्सी बंधी थी. लेकिन डॉक्टर से इलाज के दौरान रस्सी खोल दी गयी, जिसका फायदा उठाते हुए दोनों कहां चले गये किसी को जानकारी नहीं मिली. सिटी स्कैन कराते समय दोनों मौके से गायब हो गये. वहीं शाम करीब 5:30 बजे अल्ट्रासाउंड चेंबर के बाहर से दोनों को पकड़ा गया.
पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल कैदियों के भागने का सेफ जोन बन गया है. इलाज के दौरान कब कोई कैदी भाग जाये, यह कहना मुश्किल है. पिछले दो साल के अंदर करीब एक दर्जन कैदी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में चूक का फायदा उठा कर फरार हो चुके हैं. इलाज कराने आये कैदियों के साथ पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, पर उनकी प्राथमिकता उनकी सुरक्षा से ज्यादा कुछ और होती है. पुलिस की मौजूदगी में हथकड़ी सरका कर कैदियों का भाग जाना साफ तौर पर उनकी लापरवाही को बयां करता है. दो साल में एक दर्जन कैदी फरार पीरबहोर थाना, पीएमसीएच के कैदी वार्ड व रिकॉर्ड रूम से मिले आंकड़ों पर गौर करें, तो पिछले दो साल पूरे बिहार से सैकड़ों कैदी इलाज के लिए आये. इनमें एक दर्जन कैदी पुलिस को चकमा देकर फरार हो चुके हैं, जबकि वर्तमान में करीब आठ से अधिक कैदियों का इलाज यहां चल रहा है.
15 अप्रैल 2020: आइसोलेशन वार्ड से सन्नी व दीपक फरार हो गये
23 अक्तूबर 2019: रोहित, इमरान उर्फ बादशाह व शाहबुद्दीन उर्फ भोला फरार
19 दिसंबर 2019 : रवि गुप्ता उर्फ रवि पेशेंट और सजायफ्ता कैदी आशीष राय फरार हो गया
17 अप्रैल, 2017 : मिथलेश कुमार सिंह, वैशाली से आया था
6 मार्च, 2017 : कैदी वार्ड की खिड़की तोड़ सोहन राय व राजेंद्र कुमार फरार
3 फरवरी, 2017 : सहरसा से आया एक कैदी राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक से फरार
5 नवंबर, 2016- मुजफ्फरपुर से आया कैदी कमरे आलम सुरक्षा कर्मियों को चकमा देकर फरार
एसएसपी पटना उपेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि इलाज के दौरान दोनों कैदी 5 घंटे तक गायब रहे. लेकिन शाम में दोनों को पकड़ लिया गया. इतने देर तक दोनों आरोपित कहां गायब रहे इसकी जांच की जा रही है. परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है. अगर जिसकी भी लापरवाही मिली, उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
posted by ashish jha
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