Uttarakhand Avalanche: उत्तराखंड हिमस्खलन में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. चमोली के पास माणा गांव में शुक्रवार को हुए हिमस्खलन में 55 मजदूर फंस गए. इनमें 11 श्रमिक बिहार के रहने वाले भी थे. हादसे के बाद कुल 46 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है. पिछले दो दिनों से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. कुछ मजदूरों की मौत इस हादसे में हो गयी है. कुछ मजदूर अभी भी अंदर फंसे हुए हैं. जबकि बिहार के कटिहार का एक युवक इस हादसे के बाद से लापता बताया जा रहा है. कुल पांच श्रमिकों की तलाश रविवार को भी जारी है.
55 मजदूर फंसे, रेस्क्यू जारी
दरअसल, इस इलाके में भारी बर्फबारी हो रही थी. इस वजह से मोली-बद्रीनाथ हाइवे पर बीआरओ के 55 मजदूर पांच कंटेनर हाउस में रूके हुए थे. तभी बर्फ का पहाड़ खिसक गया. जिसके कारण तमाम मजदूर इसकी जद में आ गए. शनिवार की सुबह से ही बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है.
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बिहार के 11 मजदूर फंसे, कटिहार का लड्डू लापता
बिहार के 11 मजदूर इस हिमस्खलन के बाद यहां फंसे थे. जिसमें नरकटियागंज के पिंटू कुमार को बचा लिया गया है जो वहां जेनरेटर चलाने का काम करता था. लेकिन कटिहार जिले के कोढ़ा प्रखंड अंतर्गत बहरखाल पंचायत के शादलपुर कला के वार्ड संख्या 13 का रहने वाला लड्डू पंडित (30 वर्ष) अभी भी लापता है.
जेसीबी ऑपरेटर का काम करता था लड्डू, फोन बता रहा स्विच ऑफ
कटिहार जिले का निवासी लड्डू पंडित उत्तराखंड के बद्रीनाथ में एक सड़क निर्माण कंपनी में जेसीबी ऑपरेटर का काम करता था. 28 फरवरी के बाद से लड्डू का फोन स्विच ऑफ बता रहा है और इस घटना के बाद लड्डू के परिवार के लोग अनहोनी को लेकर डरे हुए हैं.
तीन कंटेनर लापता, 13 मजदूरों की खोज जारी
रेस्कयू ऑपरेशन में सेना के चार हेलीकॉप्टर समेत ITBP,BRO,SDRF और NDRF के 200 से अधिक जवान लगे हुए हैं. आठ फीट बर्फ और लगातार हो रही बर्फबारी व जीरो से नीचे का तापमान रेस्क्यू को और मुश्किल बना रहा है. हिमस्खलन में दबे मजदूरों को निकालने की तमाम कोशिशें हो रही है. अबतक 13 मजदूरों का कोई पता नहीं चल सका है. पांच कंटेनर का पता करके मजदूरों को बाहर निकाला गया लेकिन तीन कंटेनर का पता नहीं चल सका है.