सरकारी स्कूलों की जमीन की होगी मापी, अतिक्रमण मुक्त होगा स्कूल

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सरकारी स्कूलों की जमीन की होगी मापी, अतिक्रमण मुक्त होगा स्कूल

सरकारी स्कूलों के पास कितनी जमीन है इसकी डॉक्यूमेंटेड रिकॉर्ड शिक्षा विभाग अपने पास रखेगा. जिले के सरकारी स्कूलों की अतिक्रमित जमीन को अवैध कब्जा से मुक्त करने के लिए तैयारी शुरू कर दी गयी है.

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संवाददाता, पटना सरकारी स्कूलों के पास कितनी जमीन है इसकी डॉक्यूमेंटेड रिकॉर्ड शिक्षा विभाग अपने पास रखेगा. जिले के सरकारी स्कूलों की अतिक्रमित जमीन को अवैध कब्जा से मुक्त करने के लिए तैयारी शुरू कर दी गयी है. इसके लिए जिले के साभी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों की मापी कर उसका रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जायेगा. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर जिला शिक्षा कार्यालय ने स्कूलों की जमीन को मापी कराने का निर्णय लिया है. जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार जिले में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक तक कुल 3400 स्कूल हैं. इन स्कूलों के पास कितनी जमीन है यह रिकॉर्ड विभाग के पास नहीं है. रिकॉर्ड नहीं रहने से बहुत स्कूल ऐसे हैं जो स्थानीय नागरिकों द्वारा अतिक्रमित कर लिया गया है. जिले में कुल 340 स्कूलों का जिला शिक्षा कार्यालय में भू-राजस्व रिकॉर्ड भी रखा जायेगा. इसमें जमीन से संबंधित ब्योरा अंकित होगा. रिकॉर्ड तैयार करने के लिए भू-राजस्व अधिकारी नियुक्त किये जायेंगे. इनकी जिम्मेदारी भू-राजस्व लेखा-जोखा का हिसाब रखना होगा. स्कूल की जमीन का रिकॉर्ड नहीं है संरक्षित जिले में किस स्कूल के पास कितना जमीन है इसका लेखा-जोखा किसी के पास नहीं है. कभी स्कूल द्वारा इसकी जानकारी भी नहीं दी गयी. बहुत सारे ऐसे स्कूल जाे दान की गयी जमीन पर संचालित हो रहे हैं. अब इनके संतान जमीन पर दावा करते हैं. दानदाता ने कितनी जमीन दान की है मापी के बाद क्लियर हो जायेगा. संबंधित विभाग से इसका नक्शा भी निकाला जायेगा कि विद्यालय के पास कितनी जमीन है. जहां विद्यालय की भूमि अतिक्रमित होगी उसको पुलिस प्रशासन के सहयोग से खाली कराया जायेगा और पूरी जमीन को कब्जे में लेकर ऊंची दीवार से घेराबंदी की जायेगी. खाली जमीन पर स्कूल के विकास और कमरे का निर्माण किया जायेगा.

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