नक्सलियों के आतंक से मुक्त हुआ उत्तर बिहार, STF ADG बोले- सिर्फ 5 जिलों में बचे हैं नक्सली

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 23 Dec 2024 8:08 PM

विज्ञापन

अमृत राज, एडीजी, एसटीएफ

Bihar STF ADG: एसटीएफ एडीजी अमृत राज ने बताया कि 2025 में पूरा बिहार नक्सलियों के आतंक से मुक्त हो जाएगा. उन्होंने कहा कि हमारी टीम कुछ बड़े नक्सली की तलाश कर रही है. इनकी गिरफ्तारी के बाद नक्सली हिंसा में कमी आएगी.

विज्ञापन

Bihar STF ADG: एसटीएफ एडीजी अमृत राज ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में एसटीएफ की उपलब्धियां और लक्ष्य की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर बिहार को नक्सल मुक्त कर दिया गया है. अगले कुछ महीनों में जो कुछ छिटफुट बचे हैं उनको भी मुक्त करा लिया जाएगा. एसटीएफ एडीजी ने बताया कि राज्य में नक्सली हिंसा में लगभग 70 फीसदी की कमी आई है. फिलहाल बिहार में लखीसराय, मुंगेर, कैमूर, जमुई और औरंगाबाद कुल 5 जिलों में नक्सली अभी भी बने हुए है. इनके खिलाफ भी लगातार कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि बिहार और झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्र में कुछ नक्सली के छुपने की सूचना है. हमलोगों का लक्ष्य है कि बिहार को 2025 तक पूर्ण रूप से नक्सल मुक्त करा लिया जाए.

नक्सलियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का दिया ब्यौरा

अमृत राज ने बताया कि एसटीएफ नक्सलियों को आर्थिक रूप से कमजोर करने पर भी जोर दे रही है. एसटीएफ नक्सलियों की अवैध संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई कर रही है. यूएपीए एक्ट का उपयोग कर 2012 से अब तक 32 मामलों में नक्सलियों के 6.75 करोड़ रुपये की चल-अचल सम्पति  जब्त की जा चुकी है. पीएमएलए एक्ट का उपयोग कर 14 मामलों में 8.97 करोड़ रुपयों की नक्सलियों की चल और अचल संपत्ति को जब्त करने के लिए ईडी को प्रस्ताव भेजा गया है. 10 नक्सलियों जिनमें संदीप यादव, प्रद्युमन शर्मा, मुसाफिर साहनी, अरविंद यादव, रामबाबू राजन, पिन्टु पिन्टु राणा, विनय यादव, अनील राम, दिलीप साहनी और अभिजीत यादव शामिल है उनकी लगभग 4.93 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त की जा चुकी है.

नक्सलियों की कमाई रोकने पर उठाया जा रहा कदम

एसटीएफ एडीजी अमृत राज ने बताया कि नक्सलियों के आर्थिक सोर्स को रोकने के लिए भी लगातार कार्रवाई की जा रही है. अफीम की अवैध खेती माओवादियों के आय का मुख्य स्रोत रहा है. इसलिए अफीम की अवैध खेती को नष्ट किया जा रहा है. 2024 में 2523.40 एकड़ पर हो रही अफीम की अवैध खेती को नष्ट करने की कार्रवाई की गई है. माओवादियों अवैध लेवी भी वसूलते है. एसटीएफ इस पर भी अपनी नजर बनाई हुई है. 2020 से 2024 के बीच अब तक 57 लाख की अवैध लेवी का पैसा जब्त किया गया है.

इन पांच जिलों में भी जल्द खत्म हो जाएगी नक्सली हिंसा

एसटीएफ एडीजी ने कहा कि दक्षिण बिहार के 5 जिले मुंगेर, जमुई, लखीसराय, गया और औरंगाबाद में अभी भी नक्सली पांव पसारे हुए हैं, जिन्हें जल्द खत्म कर दिया जाएगा. एसटीएफ फिलहाल गया और औरंगाबाद में बड़े नक्सली विवेक की तलाश कर रही है. इसके अलावा लखीसराय, जमुई और मुंगेर में सुरेश कोड़ा की तलाश जोर शोर जारी है. एसटीएफ का मानना है कि इनकी गिरफ्तारी के बाद नक्सली हिंसा में कमी आएगी.

इसे भी पढ़ें: Bihar Crime News: 4 देशी कट्टा और जिंदा कारतूस के साथ दो हथियार तस्कर गिरफ्तार, पुलिस को मिली थी गुप्त सूचना

विज्ञापन
Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन