2500 बसावटों के लिए 5400 किमी पथों के निर्माण पर खर्च किये जायेंगे 6000 करोड़ : मंत्री संवाददाता, पटना विधानसभा की दूसरी पाली में विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार के सभी विभागों का 3.17 लाख करोड़ का बजट प्रस्ताव पारित हो गया.ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि सरकार वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत 6000 किलोमीटर ग्रामीण पथों का निर्माण करने का लक्ष्य रखा है.राज्य के 2500 बसावटों के लिए 5400 किमी पथों के निर्माण पर 6000 करोड़ खर्च करने की योजना है.मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत राज्य के सभी जिलों में 100 से अधिक जनसंख्या वाले टोलों और बसावटों को बारहमासी एकल संपर्कता प्रदान करने का लक्ष्य है.वित्तीय वर्ष 2025–26 में सभी जिलों से प्राप्त जिला संचालन समिति से अनुशंसित सूची के आधार पर 3000 करोड़ के लागत से लगभग 700 पुलों के प्रशासनिक स्वीकृति उपरांत निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है.श्री चौधरी शुक्रवार को बजट पर सरकार का पक्ष रख रहे थे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सड़क योजना चरण-तीन के तहत इस वित्तीय वर्ष में 1200 किमी सड़क और 400 पुल बनाने की योजना है. बिहार भाग्यशाली है जो नीतीश कुमार जैसा नेता मिला : ग्रामीण कार्यमंत्री ने अशोक चौधरी ने विपक्ष निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के नेताओं ने खुद तो कभी कोई अच्छा काम नहीं किया है.हमारी सरकार अच्छा काम कर रही है तो या वह उन्हें नजर नहीं आता है या फिर जानबूझ कर नजरअंदाज करते हैं. उन्होंने कहा कि बिहार भाग्यशाली है कि नीतीश कुमार जैसा नेता मिला है. राज्य में ग्रामीण पथों की लंबाई 1.17 लाख किमी ग्रामीण कार्य मंत्री ने कहा कि जहां 2005 में ग्रामीण पथों की लंबाई 8000 किमी से भी कम थी, जो आज बढ़कर 1.17 लाख किमी से भी अधिक हो गयी है.ग्रामीण संपर्कता के विकास के लिए पुल–पुलियों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है.ग्रामीण कार्य विभाग ने फरवरी 2025 तक पूर्णतया: अपने संसाधनों से राज्य योजनाओं द्वारा लगभग 36612 करोड़ से 64345 किमी पथों और 946 पुलों का निर्माण कार्य पूरा किया है. प्लास्टिक रिसाइकलिंग का उपयोग सड़क में मंत्री ने कहा कि राज्य में जीविका ग्रुपों के माध्यम से वर्तमान में 27 जिलों के विभिन्न प्रखंडों में श्रेडेड बेस्ट प्लास्टिक की इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं. जिनका उपयोग कर ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जा रहा है.नयी सड़कों के निर्माण में अपशिष्ट प्लास्टिक रिसाइकलिंग का उपयोग करके, सड़कों का निर्माण और पर्यावरण का बचाव एक साथ किया जा रहा है.
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