सीटों पर तालमेल भविष्य के गर्भ में है: पवन खेड़ा

Published by :RAKESH RANJAN
Published at :25 Mar 2025 1:39 AM (IST)
विज्ञापन
सीटों पर तालमेल भविष्य के गर्भ में है: पवन खेड़ा

रविवार को प्रभात खबर दफ्तर में आकर उन्होंने पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति की चर्चा की. प्रस्तुत है पवन खेड़ा से स्थानीय संपादक रंजीत प्रसाद सिंह और राजनीतिक संपादक मिथिलेश के बातचीत के संपादित अंश.

विज्ञापन

बिहार विधानसभा चुनाव की गहमा-गहमी शुरू हो गयी है. कमोवेश सभी दलों ने अपनी गतिविधियां तेज कर अधिक- से- अधिक समय जनता के बीच गुजारने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. कांग्रेस पार्टी ने भी अपने वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतार दिया है.पार्टी ने नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है साथ ही बिहार प्रभारी भी नये नियुक्त किये गये हैं. पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा भी इन दिनों बिहार में हैं. रविवार को प्रभात खबर दफ्तर में आकर उन्होंने पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति की चर्चा की. प्रस्तुत है पवन खेड़ा से स्थानीय संपादक रंजीत प्रसाद सिंह और राजनीतिक संपादक मिथिलेश के बातचीत के संपादित अंश. बिहार में कांग्रेस अपना क्या भविष्य देख रही है. — बिहार को कांग्रेस ही बदलेगी. हम मजबूती से इस पर काम कर रहे हैं. जमीनी स्तर पर हमारे कार्यकर्ता और नेता लोगों के संपर्क में हैं. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी की नीतियों को लेकर हम जनता के बीच जा रहे हैं और लोगों का रिस्पांस मिल रहा है. कांग्रेस का जैसा अतीत था, भविष्य उसी दिशा में जा रहा है. 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इंडिया गठबंधन में 70 सीटें दी गयी थीं, इस बार पार्टी की क्या मांग होगी. — कांग्रेस को कितनी सीटें चाहिए, कितनी सीटों पर हम तालमेल को तैयार होंगे, यह सब भविष्य के गर्भ में छिपा है. हम विधानसभा चुनाव के लिए तैयार हैं. समय आने पर सब कुछ दिख जायेगा. अभी वर्तमान में कोई भी साफ-साफ नहीं बता पायेगा. सभी से चर्चा के बाद ही तसवीर साफ होगी. कांग्रेस की क्या तैयारी है. — कांग्रेस का संदेश, विचारधारा हर गली- मुहल्ले, गांव और टोलों में पहुंचे, इसके लिए स्ट्रक्चर चाहिए. हम उसी स्ट्रक्चर को तैयार कर रहे हैं. जल्द ही सबकुछ दिखने लगेगा. हाल के दिनों में पार्टी ने कई बड़े परिवर्तन किये. — हर संगठन में परिवर्तन होता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि जिन्हें हटाया गया, वे गलत थे. आने वाले दिनों में पूरी बाॅडी, पूरा संगठन प्रखंड स्तर से लेकर उपर तक दिखेगा. कांग्रेस है और सक्रिय है, यह दिखेगा. प्रदेश प्रभारी के रूप में कृष्णा अल्लावारू की नियुक्ति को किस रूप में देख रहे हैं. — संगठन में एक नया खेप तैयार होता है. कोई युवक कांग्रेस से आया तो कोई एनएसयूआइ से और कोई बाहर से आते हैं. ट्रेंड होकर सब कोई पार्टी में नयी जान फूंकने में लगते हैं. यही प्रक्रिया है. अल्लावारू ने कहा था, पार्टी विरोधियों पर कार्रवाई होगी, क्या इसी आधार पर प्रदेश अध्यक्ष बदले गये . — पार्टी के सभी नेताओं की भूमिका बदलती रहती है. कल मैं भी किसी दूसरे काम में लगाया जाउंगा .यह स्वभावित प्रक्रिया कांग्रेस में और सभी दलों में चलती रहती है. इसे किसी विवाद या विरोध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. बिहार के चुनाव के मुद्दे क्या होंगे. — कछ राष्ट्रीय और कुछ स्थानीय मुद्दे भी होंगे. अधिक महत्व स्थानीय मुद्दे होंगे. भ्रष्टाचार बड़ा मुद्दा है. कानून व्यवस्था की बात है. यह मुद्दा बनेगा. लोगों की चिंता है. बिहार से पलायन पूरे देश में हो रहा है. बिहार सक्षम है, अपने साथ- साथ दूसरे प्रदेश के लोगों को रोजगर देने के लिए, लेकिन हो उलटा रहा.यह मुद्दा बनेगा. दूसरे प्रदेश में खास कर कांग्रेस शासित राज्यों में बिहारी युवकों को अपमानित होना पड़ता है, कांग्रेस इसे कैसे देख रही है. — देश सबका है. वहां मेहनत कर बिहार के लोगों ने जीडीपी में जो योगदान है, उसे कोई भूला नहीं सकता. इस मुद्दे पर हम सबको एक होकर लड़ना होगा. संगठन की टीम नहीं बन पायी. — कमेटी, राज्य जिला और प्रखंड स्तर पर कुछ सप्ताह में सामने आ जायेगा.मैं महीना नहीं बाेल रहा, कुछ सप्ताह की बात कही है. चुनाव तैयारियों में प्रतिद्वंद्वी पार्टी से कही आप पीछे चल रहे हैं. — हमारी तैयारी चल रही है. भाजपा हर चीज का ढोल- नगाड़ा बजा कर सब काम करती. हम ढोल नहीं बजाते. पन्ना प्रमुख भी बनायेंगे और बन रहे हैं. एनडीए के प्रदेश अध्यक्ष जिलों में एक साथ एक मंच पर प्रचार कर रहे हैं. — कांग्रेस और सहयोगी दल अपनी पार्टी को लेकर लोगों के पास जा रही है . सही वक्त पर राजनीतिक दल एकजुट होकर सबके सामने आयेंगे. रूलिंग पार्टी हमेशा चुनाव मोड में रहती है, यह देश का दुर्भाग्य है. राहुल और कांग्रेस की लीडरशिप पर राजद ने सवाल उठाया. — इसे मैं किसी और रूप में नहीं देखता. सब अपने मन की बात कहते हैं.यदि हम इसको लेकर खराब मान जाएं और बैठ जाएं, यह राजनीति में ठीक नहीं. प्रोग्राम क्या है, यह मुद्दा बनता है. राष्ट्रीय स्तर पर हम सब एक हैं. जाति सर्वे को कांग्रेस किस रूप में लेती है. — बिहार के लिए जाति सर्वे मुद्दा है. बिहार सरकार इसे ठीक नहीं कर पायी. तेलंगाना ने कर दिखाया. मुझे नहीं लगता राहुल गांधी की जाति गणना की बात से भाजपा को कोई फायदा होने वाला है. एक्स- रे जरूरी है. सबको इसका स्वागत करना चाहिए.यह सब पर लागू होना चाहिए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAKESH RANJAN

लेखक के बारे में

By RAKESH RANJAN

RAKESH RANJAN is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन