राजस्व मामलों में बड़ा बदलाव, SC-ST, सैनिक और विधवाओं के केस निपटेंगे पहले

Updated at : 06 Apr 2026 10:14 PM (IST)
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Revenue cases priority Bihar

राजस्‍व विभाग की AI जनित आभासी तस्‍वीर.

Bihar Revenue :बिहार में भूमि से जुड़े मामलों के निस्तारण को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. SC-ST, विधवा और सैनिकों के केस को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा. FIFO व्यवस्था 30 जून 2026 तक स्थगित.

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Revenue cases priority : बिहार में भूमि से जुड़े मामलों के निस्तारण को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. अब अनुसूचित जाति-जनजाति, विधवा महिलाओं और सैनिकों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा. इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं. राज्य के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ कहा है कि जमीन से जुड़े मामलों को तय प्राथमिकता के अनुसार निपटाया जाएगा. उन्‍होंने कहा आदेश दिया कि SC-ST, विधवा, सेना में कार्यरत या सेवानिवृत्त जवान, सुरक्षाकर्मी और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के मामलों को तेजी से निपटाना सुनिश्चित किया जाए.

 FIFO व्यवस्था 30 जून तक स्थगित

सरकार ने फिलहाल First In First Out (FIFO) प्रणाली को 30 जून 2026 तक स्थगित कर दिया है. यानी अभी पुराने-नए के क्रम से नहीं, बल्कि प्राथमिकता के आधार पर मामलों का निपटारा होगा. सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कहीं भी इस आदेश की अनदेखी हुई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी.

दफ्तर के चक्कर से राहत

इसके अलावा सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत दी है. नए आदेश में यह भी कहा गया है कि विशेष श्रेणी के आवेदकों को बार-बार दफ्तर नहीं आना पड़ेगा. जरूरत पड़ने पर उन्हें व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी जा सकती है और उनके प्रतिनिधि या वकील के जरिए भी सुनवाई की जा सकती है.

‘ईज ऑफ लिविंग’ पर फोकस

राजस्व विभाग के प्रधान सचिव ने बताया कि राज्य सरकार ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बेहतर बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा और जनसंवाद कार्यक्रमों में लगातार यह मांग सामने आ रही थी कि भूमि विवादों का जल्दी समाधान हो. इसी के तहत सोमवारीय सभा और शुक्रवारीय दरबार में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं, जिन्हें अब तेजी से निपटाने पर जोर दिया गया है.

ग्राउंड रिपोर्ट में मिली लापरवाही

विभाग ने माना है कि हाल ही में सारण (छपरा) और मुंगेर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान यह बात सामने आई कि स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कुछ जगहों पर प्राथमिकता का पालन नहीं किया रहा है. इसके बाद ही विभाग ने दोबारा सख्त निर्देश जारी किए हैं.

संवेदनशील और पारदर्शी प्रशासन पर जोर

सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन श्रेणियों के आवेदकों के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार किया जाए. इससे न सिर्फ प्रशासन की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि लोगों को जमीन से जुड़े कामों के लिए अनावश्यक भागदौड़ भी नहीं करनी पड़ेगी.


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Keshav Suman Singh

लेखक के बारे में

By Keshav Suman Singh

बिहार-झारखंड और दिल्ली के जाने-पहचाने पत्रकारों में से एक हैं। तीनों विधाओं (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब) में शानदार काम का करीब डेढ़ दशक से ज्‍यादा का अनुभव है। वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में बतौर डिजिटल हेड बिहार की भूमिका निभा रहे हैं। इससे पहले केशव नवभारतटाइम्‍स.कॉम बतौर असिसटेंट न्‍यूज एडिटर (बिहार/झारखंड), रिपब्लिक टीवी में बिहार-झारखंड बतौर हिंदी ब्यूरो पटना रहे। केशव पॉलिटिकल के अलावा बाढ़, दंगे, लाठीचार्ज और कठिन परिस्थितियों में शानदार टीवी प्रेजेंस के लिए जाने जाते हैं। जनसत्ता और दैनिक जागरण दिल्ली में कई पेज के इंचार्ज की भूमिका निभाई। झारखंड में आदिवासी और पर्यावरण रिपोर्टिंग से पहचान बनाई। केशव ने करियर की शुरुआत NDTV पटना से की थी।

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