बिहार के विवि को राजभवन ने सत्र नियमित कराने का दिया अल्टीमेटम, जनवरी तक करवा लें लंबित परीक्षाएं

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बिहार के विश्वविद्यालयों के कुल सचिवों और परीक्षा नियंत्रकों को समय पर परीक्षा कराने की हिदायत दी गयी. बैठक में कहा गया कि अवमानना वाद के मामलों को निबटाएं. इसमें जीरो की स्थिति आ जानी चाहिए.

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बिहार के विश्वविद्यालयों में लंबित शैक्षणिक सत्रों एवं डिग्री बांटने में बरती जा रही लापरवाही के प्रति राजभवन सह चांसलर कार्यालय अब सख्त हाे चला है. बुधवार को राजभवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी गयी कि लंबित परीक्षाएं दिसंबर-जनवरी में करा लें. परीक्षा परिणाम जारी कर सत्र हर हाल में अप्रैल तक नियमित कर लें.

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व्यवस्था सुधारने के लिए सख्त कार्यवाही की जा सकती है

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक बैठक में खासतौर पर मगध विश्वविद्यालय में परीक्षा सत्रों में विलंब और परीक्षा फल जारी करने में हो रहे विलंब पर सख्त चेतावनी दी गयी. साफ कर दिया कि यहां लापरवाही चरम पर है. आने वाले समय में व्यवस्था सुधारने के लिए सख्त कार्यवाही भी की जा सकती है. कुछ अधिकारियों पर दंडात्मक कार्यवाही भी की जा सकती है. चांसलर कार्यालय ने मगध विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों मसलन रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक को विश्वविद्यालय की समस्याओं के समाधान के लिए जरूरी जानकारी लेकर 23 दिसंबर को फिर आयें.

समय पर परीक्षा कराने की हिदायत

मगध के अलावा बैठक में उपस्थित जय प्रकाश विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, केएसडीएस विश्वविद्यालय, एमएमएच अरबी-फारसी विश्वविद्यालय, बीआरए बिहार विश्वविद्यालयों के कुल सचिवों और परीक्षा नियंत्रकों को समय पर परीक्षा कराने की हिदायत दी गयी. बैठक में कहा गया कि अवमानना वाद के मामलों को निबटाएं. इसमें जीरो की स्थिति आ जानी चाहिए. इसी तरह अवकाश प्राप्त कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों की पेंशन, ग्रेज्युटी और दूसरी देनदारियां समय पर दी जाएं.

16 दिसंबर को शेष विश्वविद्यालयों की होगी समीक्षा 

बुधवार को राजभवन में हुई इस बैठक की अध्यक्षता राज्यपाल सह चांसलर के प्रधान सचिव आर एल चौंग्थू ने की. इसके अलावा चांसलर कार्यालय के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे. 16 दिसंबर को शेष रह गये विश्वविद्यालयों के कामकाज की अलग से समीक्षा की जायेगी. उल्लेखनीय है कि राजभवन सह चांसलर कार्यालय इन दिनों विश्वविद्यालयों के कामकाज में सुधार के लिए लगातार बैठक ले रहा है. पिछले माह भी इस संदर्भ में उच्च स्तरीय बैठकें ली गयी थीं.

कोर्ट केस कम करने का आदेश

राजभवन ने रिटायर प्रोफेसर व कर्मियों को मिलने वाले लाभ देने में विवि स्तर पर जो लापरवाही बरती जा रही है, इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है. कहा कि जब विवि स्तर पर मामले की सुनवाई नहीं हाेती है, तब तो लोग कोर्ट जा रहे हैं. कोर्ट में लंबित केस की सुनवाई से पहले जवाब तैयार कर भेजते हुए रिटायर होने वाले एक-एक कर्मचारी व प्रोफेसर को मिलने वाले लाभ देने का आदेश दिया है. कर्मियों की लंबित पदोन्नति के बिंदु पर भी राजभवन ने पूरी जानकारी रजिस्ट्रार से मांगी है.

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