ePaper

पीयू- वोकेशनल कोर्स में विद्यार्थी नहीं ले रहे भाग, कई कोर्स हुये बंद

Updated at : 23 Nov 2025 7:51 PM (IST)
विज्ञापन
पीयू- वोकेशनल कोर्स में विद्यार्थी नहीं ले रहे भाग, कई कोर्स हुये बंद

पटना विश्वविद्यालय की ओर से संचालित की जा रही वोकेशनल कोर्स के प्रति विद्यार्थियों की रुचि घटते जा रही है.

विज्ञापन

संवाददाता, पटना पटना विश्वविद्यालय की ओर से संचालित की जा रही वोकेशनल कोर्स के प्रति विद्यार्थियों की रुचि घटते जा रही है. जहां वर्ष 2012 में विश्वविद्यालय में 70 से अधिक वोकेशनल कोर्स संचालित किये जाते थे. वहीं अब स्नातक और स्नातकोत्तर पर केवल 23 कोर्स ही संचालित किये जा रहे हैं. कई कोर्स विद्यार्थियों की घटती रुची और एडमिशन नहीं लेने की वजह से कोर्स बंद कर दिये गये हैं. वर्तमान सत्र 2025-27 में पीजी में 11 और पीजी डिप्लोमा में तीन कोर्स को ही नामांकन सूची में डाला गया है. इन्हीं कारणों की वजह से विश्वविद्यालय ने जिस नये कोर्स का प्रस्ताव सरकार को भेजा है लेकिन मंजूरी नहीं मिल रही है. विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का कहना है कि नौकरी और प्लेसमेंट की कमी की वजह से विद्यार्थियों की रुचि वोकेशनल कोर्स के प्रति कम होते जा रही है. इसके अलावा विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, साइबर सिक्यूरिटी, फॉरेंसिक साइंस जैसे समसमायिक कोर्स नहीं शुरू किये गये हैं. विद्यार्थियों का कहना है कि वोकेशनल कोर्स के विद्यार्थियों को लैब, ट्रेनिंग और प्रैक्टिकल बेहतर सुविधाएं उलब्ध नहीं होने की वजह से विद्यार्थी मौजूदा दौर के डिमांड के अनुसार पिछड़ जा रहे हैं. अतिथि शिक्षकों के सहारे चल रहे वोकेशनल कोर्स वोकेशनल कोर्स के प्रति विद्यार्थियों की रुचि कम होने की मुख्य वजह प्लेसमेंट और आधुनिक सुविधाओं की कमी तो है ही. इसके अलावा वोकेशनल कोर्स में शिक्षकों की भी काफी कमी है. वोकेशनल कोर्स के लिए बिना वैकेंसी के शिक्षक बहाल कर लिये जाते हैं. विभाग की ओर से चलाये जा रहे वोकेशनल कोर्स अतिथि शिक्षकों के सहारे ही चल रहा है. सामन्य कोर्स की तुलना में वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को अधिक शुल्क देना पड़ता है. वोकेशनल कोर्स के संचालन के लिए सरकार से कोई अनुदान नहीं मिलता है. नियमित शिक्षकों की बहाली इसलिये भी नहीं होती हैं क्योंकि विभाग का दर्जा नहीं दिया गया है. यह वोकेशनल कोर्स हो गये हैं बंद पीजी इन बायोडायवर्सिटी पीजी इन अप्लाइड माइक्रोबायोलॉजी पीजी इन एक्वा कल्चर पीजी डिप्लोमा इन एप्लाइड क्रिमिनोलॉजी पीजी क्रिमिनोलॉजी पीजी डिप्लोमा इन उर्दू जर्नालिज्म पीजी डिप्लोमा इन हिंदी जर्नालिज्म एमएससी इन हर्बल केमिस्ट्री सर्टिफिकेट कोर्स इन हर्बल केमिस्ट्री सर्टिफिकेट कोर्स इन जेमोलॉजी यह पीजी स्तरीय वोकेशनल कोर्स हो रहे संचालित मास्टर ऑफ रूरल स्टडीज एमबीए एमएससी इन बायोकेमिस्ट्री एमएससी इन बायोटेक्नोलॉजी एमएससी इन इंवायरमेंट साइंस एंड मैनेजमेंट मास्टर ऑफ सोशल वर्क एमसीए मास्टर ऑफ वीमेंस स्टडीज एमए इन जर्नालिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन मास्टर इन लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस मास्टर ऑफ म्यूजिक पीजी डिप्लोमा इन क्लिनिकल साइकोलॉजी पीजी डिप्लोमा इन ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट पीजी डिप्लोमा इन इंडस्ट्रियल सेफ्टी मैनेजमेंट कोट विद्यार्थियों की रुचि वोकेशनल कोर्स के प्रति कम होने की वजह से कई कोर्स बंद कर दिये गये हैं. इसकी मुख्य वजह शिक्षकों और प्लेमेंट की कमी है. फिलहाल वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई अतिथि शिक्षकों के सहारे हो रही है. वोकेशनल कोर्स के लिए सरकारी स्तर पर कोई सहायता नहीं मिलती है. हालांकि कुछ वोकेशनल कोर्स जैसे बायोटेक्नोलॉजी इंवायरमेंट साइंस आदि कोर्स में एडमिशन का स्तर बेहतर है और विद्यार्थियों का प्लेसमेंट स्केल भी अच्छा है.- प्रो वीरेंद्र प्रसाद, चीफ कोऑर्डिनेटर, वोकेशनल कोर्स

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
DURGESH KUMAR

लेखक के बारे में

By DURGESH KUMAR

DURGESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन