बिहार: प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों को पकड़ेंगे एजेंसी के जासूस, रजिस्ट्रेशन होगा कैंसिल, नर्सिंग होम के संचालक भी नपेंगे

इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आइजीआइएमएस) के डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पाये गये तो उनका पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा. यही नहीं, संस्थान के डॉक्टर जिस नर्सिंग होम में प्राइवेट प्रैक्टिस करते मिलेंगे, उसके संचालक से भी जवाब मांगते हुए विभाग स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है. इस तरह का निर्णय शुक्रवार को आइजीआइएमएस में बोर्ड ऑफ गर्वनिंग (बीओजी) की बैठक में लिया गया है. बैठक का नेतृत्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे व स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने किया.
इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आइजीआइएमएस) के डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पाये गये तो उनका पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा. यही नहीं, संस्थान के डॉक्टर जिस नर्सिंग होम में प्राइवेट प्रैक्टिस करते मिलेंगे, उसके संचालक से भी जवाब मांगते हुए विभाग स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है. इस तरह का निर्णय शुक्रवार को आइजीआइएमएस में बोर्ड ऑफ गर्वनिंग (बीओजी) की बैठक में लिया गया है. बैठक का नेतृत्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे व स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने किया.
आइजीआइएमएस के डॉक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए व उनको पकड़ने के लिए प्राइवेट एजेंसी का चयन किया जायेगा. एजेंसी के जासूस ऐसे डॉक्टरों की रिपोर्ट करेंगे. एजेंसी की मॉनिटरिंग खुद स्वास्थ्य विभाग करेगा.
वहीं, बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि संस्थान तेजी से विकास कर रहा है, यहां पहले की तुलना में अब काफी चिकित्सकीय सुविधाएं मिलने लगी हैं. मरीजों को परेशानी नहीं हो और अस्पताल में डॉक्टरों की उपस्थिति सुनश्चिति करने के लिए निजी प्रैक्टिस पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाने संबंधी आदेश जारी किया है. इतना ही नहीं अगर चिकित्सक पकड़े गये तो उन्हें भुगतान किये गये नॉन प्रैक्टिस अलाउंस की वसूली भी की जायेगी. इसके अलावा प्राइवेट प्रैक्टिस से कमाये गये धन पर इनकम टैक्स दिया है कि नहीं इसकी भी जांच होगी.
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आइजीआइएमएस को सुंदर व आकर्षक बनाने के लिहाज से परिसर में कैफेटेरिया बनाया जायेगा. इसके साथ ही एक हैप्पी स्ट्रीट भी बनेगी, जहां मरीज व परिजन घूम टहल कर अपनी शाम को और भी बेहतर बना सकेंगे. इसके अलावा 500 बेड के नये अस्पताल व परिसर में बनने रहे स्टेट कैंसर सेंटर व नेत्र संस्थान के विस्तार पर भी चर्चा की गयी. अस्पताल के निर्माण में दी जाने वाली धनराशि को जल्द से जल्द मुहैया कराने की बात कही गयी.
Posted By :Thakur Shaktilochan
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