Pooja Special Train: त्योहारों में ‘पटरी’ पर 35% बढ़ा लोड, पूजा स्पेशल ट्रेनें बन गईं इंतजार की गाड़ी

Updated at : 14 Oct 2025 11:18 AM (IST)
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Pooja Special Train

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Pooja Special Train: दीवाली और छठ की भीड़ में पटना की रेल पटरियां इन दिनों जैसे सांसें गिन रही हैं. सीटों के लिए जद्दोजहद, स्पेशल ट्रेनों की देरी और बढ़ते लोड के बीच यात्रियों की परेशानी चरम पर है. पूजा स्पेशल ट्रेने लोगों के लिए परेशानी स्पेशल ट्रेन बन गई है.

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Pooja Special Train: त्योहारों में घर लौटने की हड़बड़ी ने रेलवे को हिला कर रख दिया है. नियमित ट्रेनों में सीटें नदारद हैं और जिन स्पेशल ट्रेनों पर लोगों ने उम्मीद टिकी थी, वे सात से दस घंटे की देरी से चल रही हैं. ट्रैक पर 35% तक बढ़े लोड के कारण स्पेशल ट्रेनों को अक्सर रोककर रेगुलर ट्रेनों को पास किया जा रहा है. नतीजा दीवाली और छठ पर बिहार लौट रहे हजारों यात्रियों को घंटों स्टेशन और डिब्बों में इंतजार की घड़ियां काटनी पड़ रही हैं.

पटना जंक्शन पर भीड़, टिकटों की किल्लत

त्योहारों के मौसम में बिहार लौटने वालों का रेला बढ़ चुका है. पटना जंक्शन पर रोजाना हजारों लोग ट्रेनों में जगह पाने की जद्दोजहद कर रहे हैं. संपूर्ण क्रांति, एलटीटी पाटलिपुत्र, श्रमजीवी, पुणे दानापुर, सिकंदराबाद दानापुर और संघमित्रा जैसी प्रमुख ट्रेनों में ‘नो रूम’ की स्थिति है. आरक्षण काउंटरों और ऑनलाइन बुकिंग में लंबी वेटिंग लिस्ट यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है.

रेलवे ने भीड़ को देखते हुए बड़ी संख्या में पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, लेकिन यह राहत अब सिरदर्द में बदल रही है. ट्रेनें समय पर नहीं चल पा रहीं और कई रूटों पर यात्रियों को अनिश्चितता झेलनी पड़ रही है.

स्पेशल ट्रेनें बनी ‘लेट लतीफ’, घंटों देरी से पहुंच रहे यात्री

इस बार पूजा स्पेशल ट्रेनों की समयपालन व्यवस्था बुरी तरह गड़बड़ा गई है. कई ट्रेनें सात से दस घंटे तक की देरी से गंतव्य तक पहुंच रही हैं. उधना-जयनगर स्पेशल सात घंटे पांच मिनट की देरी से चली, सोगरिया-कोटा-बरौनी स्पेशल तीन घंटे छह मिनट लेट रही. ट्रेन संख्या 15774 भटिंडा-फरक्का स्पेशल चार घंटे 18 मिनट और 13210 डीडीयू–पीएनबीइ स्पेशल एक घंटे 36 मिनट देरी से चली. वाराणसी–पटना मेमू स्पेशल भी लगभग 49 मिनट पीछे रही.

यह स्थिति सिर्फ एक-दो ट्रेनों की नहीं है, बल्कि ज्यादातर पूजा स्पेशल ट्रेनें दो से तीन घंटे तक देर से चल रही हैं. इस वजह से यात्री अपने परिवारों के पास पहुंचने में घंटों की देरी झेल रहे हैं.

त्योहारी ट्रैफिक से ट्रैक पर बढ़ा दबाव

रेलवे के मुताबिक दीपावली से लेकर छठ तक के दौरान पूजा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है. इस समय ट्रैक पर करीब 35% अतिरिक्त ट्रेनों का लोड बढ़ गया है. नियमित ट्रेनों के साथ कई नई और स्पेशल ट्रेनों को भी एक साथ चलाना पड़ रहा है.

लोड अधिक होने की वजह से कई बार स्पेशल ट्रेनों को रास्ते में रोककर नियमित ट्रेनों को पास कराया जा रहा है. इससे न सिर्फ समय-सारिणी बिगड़ रही है, बल्कि यात्रियों में भी नाराजगी बढ़ रही है. कई लोग अपने कनेक्टिंग ट्रांसपोर्ट और आगे की यात्रा योजनाओं से चूक रहे हैं.

जवाबदेही तय होगी, दानापुर मंडल में होगी निगरानी

ट्रेनों की लगातार हो रही देरी पर रेलवे ने सख्त रुख अपनाने की तैयारी की है. दानापुर रेल मंडल में पूजा स्पेशल ट्रेनों के संचालन की विशेष निगरानी की जाएगी. मंडल के कंट्रोल रूम में इन ट्रेनों की रीयल टाइम मॉनिटरिंग होगी और हर दिन की रिपोर्ट पूर्व मध्य रेलवे मुख्यालय को भेजी जाएगी.

दानापुर मंडल में इस समय 110 जोड़ी से अधिक स्पेशल ट्रेनें चल रही हैं. इनमें से अधिकतर निर्धारित समय से पीछे चल रही हैं. रेलवे प्रशासन का कहना है कि देरी के कारणों की जांच कर जवाबदेही तय की जाएगी, ताकि त्योहारों के बीच यात्रियों को राहत मिल सके.

यात्रियों ने किया रूट बदलने का फैसला

लंबी देरी और भीड़भाड़ के कारण कुछ यात्रियों ने स्पेशल ट्रेनों से यात्रा करने के बजाय नियमित ट्रेनों को प्राथमिकता देनी शुरू कर दी है. यही कारण है कि कुछ स्पेशल ट्रेनों में बर्थ खाली रह जा रहे हैं, जबकि रेगुलर ट्रेनों में भीड़ और बढ़ गई है. कई यात्री सड़क मार्ग या निजी वाहनों का सहारा भी ले रहे हैं.

बिहार में दीवाली और छठ सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि परिवार से जुड़ने का भावनात्मक अवसर होते हैं. लेकिन इस बार रेलवे की रफ्तार यात्रियों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही. सीटों की कमी और स्पेशल ट्रेनों की लेटलतीफी ने त्योहारी सफर को चुनौती भरा बना दिया है.

रेलवे प्रशासन भले ही मॉनिटरिंग और जवाबदेही की बात कर रहा हो, लेकिन हकीकत यह है कि भीड़ के इस मौसम में पटरी पर हर मिनट का इंतजार यात्रियों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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