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पॉग्सकॉन 2024 :सुरक्षित प्रसव पर चर्चा

Updated at : 16 Dec 2024 12:22 AM (IST)
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पॉग्सकॉन 2024 :सुरक्षित प्रसव पर चर्चा

पटना सहित पूरे बिहार में हाइ रिक्स प्रेग्नेंसी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. प्रसव के दौरान खुद पर ध्यान नहीं देना व जागरूकता की कमी के चलते यह मामले लगातार बढ़ रहे हैं.

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स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों का तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन संवाददाता, पटना पटना सहित पूरे बिहार में हाइ रिक्स प्रेग्नेंसी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. प्रसव के दौरान खुद पर ध्यान नहीं देना व जागरूकता की कमी के चलते यह मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इतना ही नहीं असमय और अनचाहे गर्भ असुरक्षित गर्भपात का बड़ा कारण है. कई बार असुरक्षित गर्भपात से होने वाला रक्तस्त्राव महिलाओं की मौत का कारण बन जाता है. बाजार में कई अच्छे गर्भनिरोधक आ गये हैं. सभी दवाइयों का प्रभाव और दुष्प्रभाव भी अलग होता है. गर्भनिरोधक चुनने से पहले एक बार स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए. यह कहना है एनएमसीएच व आइवीएफ एक्सपर्ट डॉ नीलू प्रसाद का. रविवार को शहर के एग्जीबिशन रोड स्थित एक होटल में आयोजित स्त्री रोग विशेषज्ञों के सम्मेलन पॉग्सकॉन : 2024 के तीसरे और अंतिम दिन उन्होंने यह बातें कहीं. वहीं प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव को रोकने के लिए पीएमसीएच स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ गीता सिन्हा ने नयी तकनीक व इंजेक्शन रिकॉम्बिनेन्ट फैक्टर-7 की चर्चा की. उन्होंने बताया कि इससे प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्त स्त्राव को रोक मातृ जीवन को बताया जा सकता है. इसीजी व अल्ट्रासाउंड तकनीक के इस्तेमाल को बताया आयोजन सचिव डॉ अमिता सिन्हा व स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ श्रद्धा श्रद्धा चखैयार ने गर्भावस्था के दौरान इसीजी तकनीक का इस्तेमाल और इससे मां-बच्चे में दिल की बीमारियों से होने वाली परेशानी को रोकने की तकनीक पर चर्चा की. वहीं डॉ सुप्रिया जायसवाल ने बताया कि तीन दिन के इस सम्मेलन में अल्ट्रासाउंड से अंडाशय के कैंसर की पहचान, गर्भ में पल रहे शिशु की बीमारियों, जोखिम वाले कारक आदि की पहचान और उसके निदान पर चर्चा हुई. डॉ प्रज्ञा मिश्रा ने स्त्रियों में बांझपन के उपचार में सूक्ष्म पोषक तत्वों की भूमिका को प्रभावी बताया. बड़ोदरा से आये वरीय चिकित्सक डॉ पंकज जोशी ने चिकित्सकों को मानसिक रूप से मजबूत रहने संबंधी टिप्स दिये. आयोजन अध्यक्ष डॉ मीना सामंत ने बताया कि कार्यक्रम में मेडिको-लीगल प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई. प्रैक्टिस के दौरान क्या-क्या महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधान हैं, कैसे उसका पालन करना चाहिए के बारे में भी विशेषज्ञों ने राय दी. कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ शांति राय, डॉ मंजू गीता मिश्रा, डॉ हिमांशु राय, डॉ श्रद्धा चखैयार, डॉ रंजना सिन्हा, डॉ नीलू सिन्हा समेत कई स्त्री रोग विशेषज्ञ मौजूद रहे.

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