PM Awas Yojana: पटना में 'PM आवास' योजना पर ब्रेक! जानिए क्यों अटक गया गरीबों के घर का सपना

Updated at : 01 Dec 2025 9:18 AM (IST)
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PM Awas Yojana: पटना में 'PM आवास' योजना पर ब्रेक! जानिए क्यों अटक गया गरीबों के घर का सपना

PM AwasY ojana

PM Awas Yojana: सरकार ने हर जरूरतमंद को घर देने का लक्ष्य तय किया था, लेकिन पटना जिले में हजारों परिवार आज भी ‘पहली ईंट’ तक का इंतजार कर रहे हैं. कारण—वही पुरानी समस्या, किस्त का पैसा खाते तक पहुंच नहीं पा रहा है.

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PM Awas Yojana: पटना जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की प्रगति एक बार फिर तकनीकी अड़चनों में फंस गई है. जिले में कुल 36,818 आवास बनाये जाने हैं, लेकिन 3,326 घर ऐसे हैं जिनकी नींव तक नहीं रखी जा सकी है. वजह यह है कि लाभार्थियों के खातों में पहली किस्त के 40 हजार रुपये समय पर जारी नहीं हुए. PMAY पोर्टल की तकनीकी गड़बड़ियों के कारण भुगतान प्रक्रिया रुकी हुई है, जिससे निर्माण का पूरा काम बाधित हो गया है.

पहली किस्त में अड़चन, 3,326 घरों का काम शुरू नहीं

जिले में वर्ष 2024–25 और 2025–26 में कुल 36,818 आवास स्वीकृत हुए थे. इनमें से 33,492 लाभार्थियों के खातों में पहली किस्त भेज दी गई है, जिनके घरों का निर्माण किसी न किसी चरण में चल रहा है. लेकिन 3,326 लाभार्थी ऐसे हैं जिनकी पहली किस्त ही जारी नहीं हो सकी और यही वजह है कि वे नींव भी नहीं खोद पाए.

पीएफएमएस (Public Financial Management System) के माध्यम से भुगतान की नई व्यवस्था लागू की गई है, लेकिन पोर्टल पर बार-बार आने वाली त्रुटियां आधार सीडिंग, डुप्लीकेट आधार, बैंक खाते का न मिलना सभी इस प्रक्रिया को धीमा कर रहे हैं. जिला प्रशासन का कहना है कि तकनीकी समस्या दूर होते ही भुगतान शुरू कर दिया जाएगा.

दूसरी और तीसरी किस्त में भी अटक गया काम

निर्माण की रफ्तार सिर्फ पहली किस्त पर ही नहीं रुकी. समस्या दूसरी और तीसरी किस्त में भी जारी है. जिले में 33,492 लाभार्थियों में से केवल 21,713 लोगों को दूसरी किस्त मिली है. यानी 11,779 लाभार्थी ऐसे हैं जिनकी दूसरी किस्त जारी नहीं हो सकी, जबकि उनके घर निर्माण के नियम के अनुरूप अगले चरण तक पहुंच चुके हैं.

तीसरी किस्त में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है. दूसरी किस्त प्राप्त 21,713 लाभार्थियों में से केवल 8,635 को तीसरी किस्त दी गई है. इसका मतलब यह कि करीब 13,000 घर अंतिम चरण में फंस गए हैं. निर्माण पूरा होने वाले 4,798 आवासों में तीसरी किस्त जारी हो चुकी है, लेकिन बचे हुए 3,738 आवासों को एक महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

लार्भार्थीयों का इंतजार लंबा, प्रशासन ने सख्त मॉनिटरिंग शुरू की

कई पंचायतों में लाभार्थियों ने पहली किस्त मिलने के बाद नींव डाल तक दी, लेकिन दूसरी और तीसरी किस्त न मिलने से उनका काम बीच में लटक गया. गांवों में अधूरे घरों की कतारें पीएम आवास योजना की जमीन हकीकत बयां करती हैं.

डीडीसी समीर सौरभ ने समीक्षा बैठक के दौरान सभी बीडीओ को निर्देश दिया है कि वे लाभुकों से सीधे संपर्क करें और जहां गलत आधार या बैंक संबंधी त्रुटि है, उसे तुरंत सुधरवाएं. प्रशासन का दावा है कि एक महीने के अंदर बचे घर बनकर तैयार हो जाएंगे, बशर्ते कि भुगतान प्रक्रिया में अटकी गुत्थी जल्द सुलझ जाए.

1.20 लाख की कुल राशि, किस्त में रोक तो काम ठप

पीएम आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए कुल 1.20 लाख रुपये तीन किस्तों में बांटे जाते हैं. पहली किस्त मिलने पर नींव और खंभे का काम शुरू हो सकता है, दूसरी किस्त दीवारों के निर्माण पर और तीसरी किस्त छत तक काम पूरा होने पर जारी होती है. लेकिन कई लाभार्थियों को दो-दो महीने से किस्त का इंतजार है. पंचायतों में लोग कच्ची नींव और आधे बने ढांचे को देखकर परेशान हैं कि अगली किस्त कब मिलेगी.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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