पटना में 22 जून से इस दिन तक बंद रहेंगे स्कूल, डीएम कुंदन कुमार ने जारी किया आदेश
पटना में स्कूल बंद (सांकेतिक फोटो)
Patna School Closed: पटना में भीषण गर्मी और लू के कारण जिला प्रशासन ने कक्षा 8वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों की एजुकेशनल एक्टिविटी बंद कर दी हैं. यह आदेश प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी लागू होगा.
Patna School Closed: पटना में तेज गर्मी और लू को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला लिया है. पटना के डीएम कुंदन कुमार ने जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 8वीं तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है. यह आदेश प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी लागू होगा. डीएम के आदेश में बताया गया है कि पटना जिले में कक्षा 8वीं तक के बच्चों की पढ़ाई 22 जून से 27 जून तक बंद रहेगी. इस दौरान सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षाएं नहीं चलेंगी. प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों की शैक्षणिक गतिविधियां भी बंद रहेंगी.

बच्चों की सेहत को देखते हुए लिया गया फैसला
जिला प्रशासन ने कहा कि दोपहर की तेज धूप, भीषण गर्मी और बढ़े तापमान से बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है. इसी आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. प्रशासन का उद्देश्य बच्चों को गर्मी और लू से बचाना है.
डीएम कुंदन कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश जारी किया है. सभी स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि बंद की अवधि में होने वाली पढ़ाई, परीक्षा या अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को आगे के लिए री-शेड्यूल करें. स्कूलों को आदेश का सख्ती से पालन करना होगा.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
अधिकारियों को पालन कराने की जिम्मेदारी
जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस, सभी अनुमंडल दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी गई है. प्रशासन ने साफ कहा है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए.
इसे भी पढ़ें: बिहार के अमीन और राजस्व कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, सरकार ने शुरू की फेजवाइज प्रमोशन प्रोसेस
एनकाउंटर पर क्या है सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन? भरत तिवारी मामले के बाद शुरू हुई बहस
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










