पटना में रोबोटिक सर्जरी और AI से बदल रही शल्य चिकित्सा की तस्वीर, IGIMS संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

IGIMS
Patna News: पटना के आईजीआईएमएस में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में रोबोटिक सर्जरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर चर्चा हुई. विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक तकनीकों से सर्जरी अधिक सुरक्षित, सटीक और प्रभावी बन रही है, IGIMS में सरकारी स्तर पर रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है, जिससे आम मरीजों को भी लाभ मिल रहा है.
Patna News (सुबोध कुमार नंदन की रिपोर्ट)
इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ सर्जन्स (आईसीएस) की भारतीय शाखा एवं इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को रोबोटिक सर्जरी विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं फेलोशिप कॉन्वोकेशन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने रोबोटिक सर्जरी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और ट्रॉमा मैनेजमेंट में आधुनिक तकनीकों की भूमिका पर चर्चा की.
रोबोटिक सर्जरी पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ शल्य चिकित्सक डॉ. ए.ए. हई ने किया. आईसीएस एशिया के गवर्नर एवं आईजीआईएमएस के गैस्ट्रो सर्जरी विभागाध्यक्ष-सह-चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने कहा कि बिहार में सरकारी स्तर पर आईजीआईएमएस में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हो चुकी है और इसका लाभ आम मरीजों तक पहुंच रहा है. उन्होंने बताया कि संगोष्ठी का उद्देश्य बिहार के सर्जनों को रोबोटिक सर्जरी की नवीनतम तकनीकों से अवगत कराना है.
बिहार में आम मरीजों तक पहुंच रहा रोबोटिक सर्जरी का लाभ
संगोष्ठी में डॉ. राकेश कुमार सिंह ने टिप्स एंड ट्रिक्स इन रोबोटिक सर्जरी विषय पर व्याख्यान दिया. वहीं आईसीएस अमेरिका शाखा के अध्यक्ष डॉ. शारिक नजीर ने ट्रॉमा सर्जरी में एआई, लैप्रोस्कोपिक एवं रोबोटिक तकनीक की उपयोगिता पर प्रकाश डाला. डॉ. आनंद शंकर ने सीमित संसाधनों में आपातकालीन एवं ट्रॉमा सर्जरी की चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा की.
रोबोटिक सर्जरी की नई तकनीकों से रूबरू हुए सर्जन
आईजीआईएमएस के निदेशक डॉ. बिन्दे कुमार ने बताया कि संस्थान में मात्र 50 हजार रुपये में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. उन्होंने कहा कि बिहार में पहली बार सरकारी स्तर पर दा विंची रोबोटिक सर्जरी प्रणाली स्थापित कर आधुनिक शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में नई पहल की गई है.
चिकित्सकों को मिली प्रतिष्ठित फेलोशिप
कार्यक्रम के दौरान फेलोशिप कॉन्वोकेशन भी आयोजित किया गया, जिसमें 10 से अधिक चिकित्सकों को आईसीएस फेलोशिप प्रदान की गई. अंत में डॉ. अमरजीत राज ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
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