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पटना को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए केंद्र से मिले 243 करोड़ रुपये

Updated at : 21 Dec 2025 12:36 AM (IST)
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पटना को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए केंद्र से मिले 243 करोड़ रुपये

पटना शहर की स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और पेयजल व्यवस्था को बेहतर करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है.

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हिमांशु देव, पटना पटना शहर की स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और पेयजल व्यवस्था को बेहतर करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है. पंद्रहवें वित्त आयोग की अनुशंसा पर भारत सरकार ने राज्य को 243 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की स्वीकृति दी है. यह पूरी राशि वर्ष 2025-26 के लिए मिलियन प्लस सिटी श्रेणी के अंतर्गत पटना शहरी समूह को दी जाएगी. केंद्रीय वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने इस संबंध में 18 दिसंबर 2025 को आदेश जारी किया है. इस सहायता से शहर में कचरा प्रबंधन, स्वच्छता सुधार और जल आपूर्ति की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. केंद्र से प्राप्त इस राशि को 28 दिसंबर से पहले नगर निकायों तक पहुंचाना अनिवार्य होगा. देरी होने की स्थिति में राज्य सरकार को ब्याज सहित राशि जारी करनी होगी. स्वच्छता योजनाओं पर होगा खर्च बिहार को मिलने वाले कुल 24 हजार 300 लाख रुपये (243 करोड़ रुपये) की राशि पूरी तरह पटना शहरी समूह के लिए निर्धारित की गयी है. यह अनुदान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत दिया गया है. इसमें कचरा संग्रहण, उसका वैज्ञानिक निपटान, प्रसंस्करण, रीसाइक्लिंग और स्वच्छ शहर की दिशा में किए जाने वाले कार्य शामिल हैं. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राज्य सरकार यह राशि बिना किसी कटौती के संबंधित शहरी स्थानीय निकायों को हस्तांतरित करेगी. शहरी पेयजल की गुणवत्ता व आपूर्ति में सुधार करना जरूरी अनुदान का उपयोग केवल ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तक सीमित नहीं रहेगा. केंद्र सरकार ने निर्देश दिया है कि इस राशि से शहरी पेयजल की गुणवत्ता और आपूर्ति में सुधार, वर्षा जल संचयन, जल पुनर्चक्रण, सार्वजनिक स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने और कचरा प्रबंधन में बेहतर प्रदर्शन कर स्टार रेटिंग हासिल करने जैसे कार्य किए जाएं. लेनदेन के लिए खुलवाना होगा अलग खाता निगम के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र से मिली यह सहायता पटना को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और बेहतर बुनियादी सुविधाओं वाला शहर बनाने की दिशा में अहम साबित होगी. वहीं, निर्देश के अनुसार सभी लेन-देन के लिए अलग बैंक खाता खोलकर उसे पीएफएमएस से जोड़ना अनिवार्य होगा, ताकि अनुदान के उपयोग में पारदर्शिता बनी रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KUMAR PRABHAT

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KUMAR PRABHAT is a contributor at Prabhat Khabar.

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