फुलवारी शरीफ ESIC अस्पताल में विटामिन B-12 पर CME कार्यक्रम, डॉक्टरों ने सीखे इलाज के नए तरीके

Published by : Nikhil Anurag Updated At : 03 Jun 2026 9:33 PM

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CME कार्यक्रम में भाग लेते डॉक्टर

Patna News: पटना के फुलवारी शरीफ स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम आदर्श अस्पताल में बुधवार को विटामिन बी-12 पर एक सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का आयोजन किया गया. डॉक्टरों ने शरीर में विटामिन बी-12 की उपयोगिता, इसकी कमी के लक्षण और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तृत चर्चा की.

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Patna News: (अजीत कुमार की रिपोर्ट) कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) आदर्श अस्पताल, फुलवारी शरीफ में बुधवार को डॉक्टरों के ज्ञानवर्धन और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से एक सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया. इस विशेष कार्यक्रम की अध्यक्षता अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सनोज कुमार ने की. कार्यशाला का मुख्य विषय ‘शरीर में विटामिन बी-12 की उपयोगिता एवं इसकी कमी की स्थिति में लक्षण और उपचार’ रखा गया था.

इस कार्यक्रम के दौरान अस्पताल में तैनात विभिन्न विभागों के वरिष्ठ चिकित्सकों और विशेषज्ञों के बीच विटामिन बी-12 से संबंधित नवीनतम उपचार पद्धतियों तथा चिकित्सा प्रबंधन पर टेबल टॉक और विस्तृत चर्चा की गई. उपस्थित डॉक्टरों ने एक स्वर में कहा कि इस विषय पर नई जानकारी मरीजों के सटीक और त्वरित उपचार में मील का पत्थर साबित होगी, जिसका सीधा लाभ अस्पताल आने वाले मरीजों को मिलेगा.

डॉ. राकेश ने दी विटामिन बी-12 के खतरों और उपचार की जानकारी

CME कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्रख्यात अस्थि रोग विशेषज्ञ (Orthopedic Specialist) डॉ. राकेश कुमार सिंह ने विषय पर एक बेहद विस्तृत और ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया. उन्होंने प्रोजेक्टर और मेडिकल साक्ष्यों के जरिए बताया कि मानव शरीर के तंत्रिका तंत्र और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में विटामिन बी-12 की क्या भूमिका है.

डॉ. राकेश ने निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला:

  • कमी के लक्षण: शरीर में विटामिन बी-12 की कमी होने पर अत्यधिक थकान, कमजोरी, नसों में झनझनाहट, याददाश्त कमजोर होना और हड्डियों व जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं.
  • बचाव और इलाज: उन्होंने इसकी समय पर पहचान (डायग्नोसिस) करने और आधुनिक दवाओं व सप्लीमेंट्स के जरिए इसके प्रभावी उपचार के विभिन्न पहलुओं को डॉक्टरों के सामने रखा.

नवीनतम चिकित्सा ज्ञान का उपयोग करें चिकित्सक: चिकित्सा अधीक्षक

मुख्य व्याख्यान की समाप्ति के बाद अस्पताल के विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच एक गहन विचार-विमर्श हुआ, जिसमें डॉक्टरों ने अपने-अपने केस स्टडीज और सुझाव साझा किए.

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सनोज कुमार ने परिचर्चा में भाग लेते हुए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने डॉक्टरों से अपील की कि वे अपने दैनिक ओपीडी और आईपिडी में आने वाले मरीजों के इलाज के दौरान इस नवीनतम चिकित्सा ज्ञान का भरपूर उपयोग करें, ताकि मरीजों को कम समय में बेहतर परिणाम मिल सकें. इस ज्ञानवर्धक कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक समेत अस्पताल के सभी विभागों के चिकित्सक मुख्य रूप से उपस्थित रहे. कार्यक्रम का समापन औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ.

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