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Patna : रेलवे स्टेशन के पास फैली गन्दगी और ट्रैफिक जाम पर हाईकोर्ट नाराज, अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट

Updated at : 16 Apr 2025 1:33 PM (IST)
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Patna News: इससे पूर्व में भी पटना हाईकोर्ट ने प्रशासन व रेलवे स्टेशन के अधिकारियों को स्थिति सुधारने के लिए सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया था, लेकिन कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला. रेलवे स्टेशन के परिसर और उसके आस पास गन्दगी का अम्बार लगा रहता हैं.

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Patna News: पटना. पटना हाईकोर्ट ने पटना रेलवे स्टेशन के आस पास फैली गन्दगी और ट्रैफिक जाम को लेकर नाराजगी व्यक्त की है. वाहनों के पार्किंग व्यवस्था सही नहीं होने पर पटना हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. जस्टिस पीबी बजानथ्री और जस्टिस आलोक कुमार सिन्हा की खंडपीठ ने रौनक सिन्हा की याचिका पर सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी को तलब किया है. पीठ ने जिलाधिकारी को पूरा ब्यौरा देते हुए की गयी कार्रवाईयों की जानकारी अगली सुनवाई में देने का निर्देश दिया है. इस मामलें पर अगली सुनवाई 16 जून,2025 को की जाएगी.

रेलवे अधिकारियों को भी बनाया गया पार्टी

कोर्ट ने पटना रेलवे स्टेशन से सम्बन्धित वरीय अधिकारी ईस्टर्न सेन्ट्रल रेलवे के सीनियर डिवीज़नल कमर्शियल मैनेजर को पार्टी बनाया है. कोर्ट ने उन्हें स्वयं या अपने वकील के माध्यम से स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया. याचिकाकर्ता रौनक सिन्हा ने उन्हें पार्टी बनाये जाने का अनुरोध कोर्ट से किया था. कोर्ट ने पटना रेलवे स्टेशन के आस पास भयंकर ट्रैफिक जाम को काफी गंभीरता से लिया है. कोर्ट ने ट्रैफिक अव्यवस्था के कारण होने वाले जाम से निपटने के लिए सख्त और प्रभावी कदम उठाने का निर्देश प्रशासन को दिया है.

प्रशासनिक लापरवाही का लगाया आरोप

कोर्ट ने वाहनों के पार्किंग के लिए उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों व नागरिकों को होने वाली असुविधा पर भी कड़ा रुख अपनाया है. याचिका में कहा गया है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण जहां ट्रैफिक जाम होता है, वहीं यात्रियों को ट्रेन समय पर नहीं पकड़ने के कारण काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. विदेशी पर्यटकों व देश के अन्य हिस्सों से आने वाले यात्रियों को ये देख कर बहुत बुरा अनुभव होता है. कोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रशासन द्वारा की गयी कार्रवाईयों का रिपोर्ट और फोटो कोर्ट के समक्ष रखे गये. प्रशासन द्वारा अवैध अतिक्रमण हटाने के बाद भी दोबारा अतिक्रमणकारियों द्वारा अतिक्रमण कर लिया जाता है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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