Bihar News: नए साल की शुरुआत के साथ ही बिहार सरकार ने किसानों और उद्यमियों को बड़ी सौगात दी है. राज्य सरकार अब कृषि से जुड़े प्रसंस्करण उद्योग लगाने पर भारी अनुदान (सब्सिडी) दे रही है. इसका सीधा फायदा मखाना, शहद, फल-सब्जी, मक्का, बीज, औषधीय एवं सुगंधित पौधे और चाय से जुड़े व्यवसाय शुरू करने वालों को मिलेगा.
यह योजना बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत लागू की गई है. सरकार का उद्देश्य है कि राज्य में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिले, गांवों में रोजगार पैदा हो और किसानों की आमदनी बढ़े. इसके लिए इच्छुक लोगों से आवेदन मांगे गए हैं.
कौन ले सकता है इस योजना का लाभ?
इस योजना का फायदा सिर्फ बड़े उद्योगपति ही नहीं, बल्कि आम लोग भी उठा सकते हैं. इसके लिए पात्र हैं.
- व्यक्तिगत उद्यमी (प्रोप्राइटर)
- साझेदारी फर्म
- लिमिटेड देयता भागीदारी (LLP)
- किसान उत्पादक कंपनी (FPC)
- अन्य पात्र संस्थाएं
कितनी रकम की परियोजना पर मिलेगी सब्सिडी?
इस योजना के तहत-
- कम से कम 25 लाख रुपये की परियोजना जरूरी है
- अधिकतम 5 करोड़ रुपये तक की परियोजना पर अनुदान मिलेगा
सब्सिडी पूंजीगत अनुदान के रूप में दी जाएगी और यह बैंक या वित्तीय संस्था से लिए गए लोन से जुड़ी होगी. परियोजना लागत का कम से कम 20 प्रतिशत मियादी ऋण होना अनिवार्य है.
किन्हें मिलेगा अतिरिक्त अनुदान?
सरकार ने सामाजिक और विशेष वर्गों को ज्यादा लाभ देने का प्रावधान किया है.
- अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) को 5% अतिरिक्त पूंजीगत अनुदान
- महिला उद्यमी, दिव्यांग, एसिड अटैक पीड़ित, युद्ध विधवाएं और तृतीय लिंग के निवेशकों को 2% अतिरिक्त अनुदान
आवेदन के लिए जरूरी शर्तें
- आवेदक के पास जमीन का स्वामित्व होना चाहिए या कम से कम 30 वर्षों का रजिस्टर्ड लीज एग्रीमेंट
- जमीन से जुड़े सभी कागजात स्व-सत्यापित होने चाहिए
- परियोजना भूमि के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) की अनुमति जरूरी है
इस योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय की वेबसाइट या उसके कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है. कुल मिलाकर, बिहार सरकार की यह योजना उन सभी किसानों के लिए सुनहरा अवसर है. जो खेती के साथ-साथ अपना खुद का उद्योग शुरू कर आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं.

