Bihar Kisan Yojana: बिहार सरकार किसानों को दे रही है लाखों की सब्सिडी, जानिए कौन‑कौन ले सकता है लाभ
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 02 Jan 2026 7:12 PM
AI से बनाई गई किसान की तस्वीर
Bihar News: नए साल में बिहार सरकार कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लाखों की सब्सिडी दे रही है. मखाना से शहद तक कई उत्पादों पर अनुदान मिलेगा, जिससे किसानों और उद्यमियों के लिए रोजगार व आय के नए अवसर खुलेंगे.
Bihar News: नए साल की शुरुआत के साथ ही बिहार सरकार ने किसानों और उद्यमियों को बड़ी सौगात दी है. राज्य सरकार अब कृषि से जुड़े प्रसंस्करण उद्योग लगाने पर भारी अनुदान (सब्सिडी) दे रही है. इसका सीधा फायदा मखाना, शहद, फल-सब्जी, मक्का, बीज, औषधीय एवं सुगंधित पौधे और चाय से जुड़े व्यवसाय शुरू करने वालों को मिलेगा.
यह योजना बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत लागू की गई है. सरकार का उद्देश्य है कि राज्य में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिले, गांवों में रोजगार पैदा हो और किसानों की आमदनी बढ़े. इसके लिए इच्छुक लोगों से आवेदन मांगे गए हैं.
कौन ले सकता है इस योजना का लाभ?
इस योजना का फायदा सिर्फ बड़े उद्योगपति ही नहीं, बल्कि आम लोग भी उठा सकते हैं. इसके लिए पात्र हैं.
- व्यक्तिगत उद्यमी (प्रोप्राइटर)
- साझेदारी फर्म
- लिमिटेड देयता भागीदारी (LLP)
- किसान उत्पादक कंपनी (FPC)
- अन्य पात्र संस्थाएं
कितनी रकम की परियोजना पर मिलेगी सब्सिडी?
इस योजना के तहत-
- कम से कम 25 लाख रुपये की परियोजना जरूरी है
- अधिकतम 5 करोड़ रुपये तक की परियोजना पर अनुदान मिलेगा
सब्सिडी पूंजीगत अनुदान के रूप में दी जाएगी और यह बैंक या वित्तीय संस्था से लिए गए लोन से जुड़ी होगी. परियोजना लागत का कम से कम 20 प्रतिशत मियादी ऋण होना अनिवार्य है.
किन्हें मिलेगा अतिरिक्त अनुदान?
सरकार ने सामाजिक और विशेष वर्गों को ज्यादा लाभ देने का प्रावधान किया है.
- अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) को 5% अतिरिक्त पूंजीगत अनुदान
- महिला उद्यमी, दिव्यांग, एसिड अटैक पीड़ित, युद्ध विधवाएं और तृतीय लिंग के निवेशकों को 2% अतिरिक्त अनुदान
आवेदन के लिए जरूरी शर्तें
- आवेदक के पास जमीन का स्वामित्व होना चाहिए या कम से कम 30 वर्षों का रजिस्टर्ड लीज एग्रीमेंट
- जमीन से जुड़े सभी कागजात स्व-सत्यापित होने चाहिए
- परियोजना भूमि के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) की अनुमति जरूरी है
इस योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय की वेबसाइट या उसके कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है. कुल मिलाकर, बिहार सरकार की यह योजना उन सभी किसानों के लिए सुनहरा अवसर है. जो खेती के साथ-साथ अपना खुद का उद्योग शुरू कर आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










