नवनियुक्त शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मियों ने अब तक नहीं खोले एनपीएस खाते, रुकेगा वेतन

Updated at : 11 Jul 2024 1:35 AM (IST)
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नवनियुक्त शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मियों ने अब तक नहीं खोले एनपीएस खाते, रुकेगा वेतन

राज्य के पारंपरिक विश्वविद्यालयों के वित्तीय वर्ष 2024-25 के वार्षिक बजट की मंजूरी के लिए बुधवार को बैठक का सिलसिला शुरू हुआ.

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आज पूर्णिया और मुंगेर विश्वविद्यालय के बजट की समीक्षा होगी

संवाददाता,पटना

राज्य के पारंपरिक विश्वविद्यालयों के वित्तीय वर्ष 2024-25 के वार्षिक बजट की मंजूरी के लिए बुधवार को बैठक का सिलसिला शुरू हुआ. पहले दिन शिक्षा विभाग के सभागार में आयोजित बैठक में कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय (केएसडीएस) और एमएमएच अरबी-फारसी विश्वविद्यालय के प्रस्तावित बजट की समीक्षा की गयी. समीक्षा के दौरान निदेशक रेखा कुमारी ने जरूरी दिशा- निर्देश दिये. केएसडीएस विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों को दो टूक हिदायत दी गयी कि वह 2005 के बाद नियुक्त शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों के एनपीएस खाते खोलें. प्रान जेनेरेट करें. अगर जल्दी ही ऐसा नहीं हुआ तो विश्वविद्यालयों के वित्तीय पदाधिकारियों के वेतन काटे जाने की कार्रवाई की जायेगी.

उच्च शिक्षा निदेशक रेखा कुमारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पता चला कि विश्वविद्यालय ने नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों एवं दूसरे शिक्षकेतर कर्मचारियों के अभी तक एनपीएस खाते ही नहीं खुल सके हैं. इसे उच्च शिक्षा निदेशक रेखा कुमारी ने पूरी गंभीरता से लिया. सख्त निर्देश जारी किये. बैठक में केएसडीएस विश्वविद्यालय ने बताया कि 70 करोड़ वेतन मद में और 83 करोड़ पेंशन मद में चाहिए होंगे. इसके अलावा इस विश्वविद्यालय ने वेतन एरियर के रूप में 138 करोड़ रुपये मांगे हैं. विभाग ने इसे औपचारिक मंजूरी दी. हालांकि, इसमें कुछ हिदायतें भी दी हैं. दरअसल वित्त विभाग ने वेतन मद में 120 करोड़ का और पेंशन मद में 185 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. निदेशालय ने विश्वविद्यालय को साफ किया है कि पेंशन मद मे 83 करोड़ के भुगतान के बाद शेष रह गयी सौ करोड़ से अधिक की राशि जांच के बाद जारी की जायेगी. इसी तरह वेतन मद की शेष राशि भी जांच के बाद दी जायेगी. इसी तरह मौलाना मजहरूल हक अरबी फारसी विश्वविद्यालय के बजट की समीक्षा की गयी. उनके प्रस्तावों को लेकर जरूरी दिशा निर्देश जारी किये. इधर, 11 जुलाई को पूर्णिया और मुंगेर विश्वविद्यालयों के बजट की समीक्षा की जायेगी.

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