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बिहार में प्राइवेट सुरक्षा गार्डों के लिए नए नियम लागू, अब बिना ट्रेनिंग नहीं मिलेगा मौका...

Updated at : 07 Apr 2025 10:56 AM (IST)
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bihar security guard new rule| New rules implemented for private security guards in Bihar, now you will not get a chance without training

सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार में निजी सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब बिना प्रशिक्षण और शारीरिक मापदंड पूरे किए किसी गार्ड को तैनात नहीं किया जा सकेगा. गृह विभाग ने इसके लिए 'निजी सुरक्षा अभिकरण नियमावली 2025' लागू कर दी है, जो पूरे राज्य में तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गई है.

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Bihar News: बिहार में तेजी से बढ़ते निजी सुरक्षा गार्डों के चलन पर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. गृह विभाग ने ‘निजी सुरक्षा अभिकरण नियमावली 2025’ को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है. इसके तहत अब राज्य में केवल प्रशिक्षित और शारीरिक मापदंडों को पूरा करने वाले गार्ड ही नियुक्त किए जाएंगे. यह नियम व्यक्तिगत सुरक्षा, संस्थानों, शादियों और अन्य आयोजनों में गार्ड तैनाती के लिए लागू होंगे.

गार्ड की भर्ती में अब तय मानकों का पालन अनिवार्य

नियमावली के अनुसार, पुरुष गार्ड के लिए न्यूनतम कद 160 सेंटीमीटर और सीना 80 सेंटीमीटर जरूरी होगा. वहीं महिला गार्ड के लिए न्यूनतम कद 150 सेंटीमीटर तय किया गया है, लेकिन सीना माप की अनिवार्यता नहीं होगी. गार्डों को नेत्र और श्रवण दोष से मुक्त होना चाहिए तथा छह मिनट में एक किलोमीटर दौड़ने की क्षमता होनी चाहिए. हर साल उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी अनिवार्य होगा.

प्रशिक्षण के बिना नहीं मिलेगी ड्यूटी

निजी सुरक्षा गार्ड बनने के लिए अब प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है. सामान्य अभ्यर्थियों को 20 दिन का प्रशिक्षण लेना होगा, जिसमें 100 घंटे की क्लासरूम ट्रेनिंग और 60 घंटे का फील्ड ट्रेनिंग शामिल है. वहीं, भूतपूर्व सैनिकों और पूर्व पुलिसकर्मियों को केवल 7 दिन का प्रशिक्षण लेना होगा, जिसमें 40 घंटे का शिक्षण और 16 घंटे का फील्ड प्रशिक्षण होगा.

एजेंसियों पर भी कसनी होगी नकेल

अब निजी सुरक्षा एजेंसियों को इन सभी मापदंडों का पालन करना होगा. यदि कोई एजेंसी तय मानकों का उल्लंघन करती है तो उसे लाइसेंस नहीं मिलेगा और कार्रवाई की जाएगी.

इस कदम से न केवल बिहार में सुरक्षा व्यवस्था और प्रोफेशनल होगी, बल्कि बेरोजगार युवाओं के लिए एक नया मार्ग भी खुलेगा, बशर्ते वे तय मानकों को पूरा कर सकें. यह नियमावली राज्य में निजी सुरक्षा क्षेत्र को अधिक अनुशासित और प्रभावशाली बनाने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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