‘मेरी पंचायत, मेरी धरोहर’ से बदलेगा गांवों का स्वरूप

बिहार के ग्रामीण इलाकों में बिखरी पड़ी प्राचीन धरोहरों और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के लिए सरकार जल्द ही कमर कसने की तैयारी करेगी.
संवाददाता,पटना बिहार के ग्रामीण इलाकों में बिखरी पड़ी प्राचीन धरोहरों और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के लिए सरकार जल्द ही कमर कसने की तैयारी करेगी. पंचायती राज मंत्रालय की ओर से शुरू की गयी ‘मेरी पंचायत, मेरी धरोहर’ योजनाओं के तहत अब राज्य की ऐतिहासिक विरासत को सहेजने की कवायद की जायेगी. पंचायती राज मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने बताया कि इस भारत सरकार की इस योजना को जल्द ही राज्य में जमीन पर उतारने का काम किया जायेगा. उन्होंने बताया क इस महत्वाकांक्षी योजना का मकसद है स्थानीय समुदाय को उसकी सांस्कृतिक पहचान से जोड़ना और ग्रामीण क्षेत्रों की अनदेखी धरोहरों को संरक्षित करना. उन्हें पर्यटन और शोध के नये केंद्रों के रूप में विकसित करना. केंद्र सरकार की योजना है कि हर राज्य की हेरिटेज संपत्तियों का दस्तावेजीकरण किया जाये. इस पहल के तहत राज्य की प्राचीन इमारतें, धार्मिक स्थल, शिलालेख, खंडहर, मूर्तियां, गुफाएं, जल संरचनाएं और महत्त्वपूर्ण वृक्षों जैसी धरोहर संपत्तियों की पहचान कर उनका विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जायेगा.
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