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48 घंटे बाद भी युवक की हत्या का खुलासा नहीं

Updated at : 04 Apr 2025 12:11 AM (IST)
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48 घंटे बाद भी युवक की हत्या का खुलासा नहीं

patna news: मसौढ़ी. लहसुना थाना के उसमानचक गांव के युवक रजनीश कुमार की हत्या के 48 घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस घटना के कारण का पता नहीं कर पायी है.

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मसौढ़ी. लहसुना थाना के उसमानचक गांव के युवक रजनीश कुमार की हत्या के 48 घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस घटना के कारण का पता नहीं कर पायी है. पुलिस फिलहाल इस संशय में है कि रजनीश की हत्या में उसकी कथित प्रेमिका की संलिप्तता है की नहीं. इसके लिए पुलिस युवती के मोबाइल का सीडीआर खंगालने में जुटी हुई.

गौरतलब है कि बीते मंगलवार की रात महिला ने रजनीश को फोन कर उस्मानचक तिमुहानी स्थित छांटी मील के पास बुलाया था. वहां जब रजनीश, युवती से बातचीत कर ही रहा था इसी दौरान पास के गेहूं की खेत में पूर्व से छिपे आधा दर्जन से अधिक युवक वहां आ धमके और रजनीश को एक बाइक पर बैठा ले भागे थे और उसकी हत्या कर शव को उस्मानचक तिमुहानी के पास के आहर में फेंक दिया था.

इधर थानाध्यक्ष खुशबू खातून ने बताया कि युवती के मोबाइल का सीडीआर निकाल यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रजनीश की हत्या में उसकी संलिप्तता है या नहीं. उन्होंने बताया कि उम्मीद है कि घटना का शीघ्र खुलासा हो जायेगा.

तीन माह के बच्चे को पटककर मारने वाला हत्यारे पिता को जेल

मसौढ़ी. लहसुना थाना स्थित घोरहुंआ गांव में बीते मंगलवार की रात अपने तीन माह के मासूम बच्चे को पटककर मार देने वाले हत्यारे पिता विकास कुमार को पुलिस ने पूछताछ के बाद गुरुवार को जेल भेज दिया . इधर जेल जाने के पूर्व विकास को इस बात का एहसास नहीं है कि उसने क्या कर दिया. पुत्र को पटककर जान ले लेने के सवाल पर उसने बताया कि उस वक्त गुस्सा आ गया और उसने अपने पुत्र को चौकी से उठाकर पटकने के सवाल पर बोला कि उसे यह नही लगा था कि उसकी मौत हो जायेगी.

घटना के वक्त नशे में होने के सवाल पर वह कुछ नहीं बोला. इधर बच्चे की मां गुड्डी कुमारी ने बताया कि एक साल पहले उसका विकास के साथ प्रेम विवाह हुआ था और एक बच्चे को जन्म देने के बाद प्यार से उसका नाम आयुष रखा था. इसे लेकर मन में कई हसरत पाल रखी थी. लेकिन पति ने उसकी हसरत को खत्म कर दिया. गुड्डी ने बताया कि विकास नशेड़ी है. इसकी जानकारी हमें नहीं थी, अन्यथा हम इससे शादी नहीं करते. जेल जाने के दौरान ग्रामीणों की भीड़ जुटी अभी और सभी विकास को कोश रहे थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VIPIN PRAKASH YADAV

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