आधुनिक पुस्तकालय नवाचार और सार्वजनिक जुड़ाव के केंद्र के रूप में विकसित हों : देबीप्रसाद मिश्रा

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आधुनिक पुस्तकालय नवाचार और सार्वजनिक जुड़ाव के केंद्र के रूप में विकसित हों : देबीप्रसाद मिश्रा

डीएमआइ, पटना और डेलनेट, जेएनयू कैंपस नयी दिल्ली ने संयुक्त रूप से शनिवार को पुस्तकालय पेशेवरों के लिए उद्योग भवन सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया.

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-डीएमआइ और डेलनेट ने संयुक्त रूप से शनिवार को लाइब्रेरी के विविध आयाम पर उद्योग भवन में कार्यशाला का आयोजन किया

संवाददाता, पटनाविकास प्रबंधन संस्थान (डीएमआइ), पटना और डेवलपिंग लाइब्रेरी नेटवर्क (डेलनेट), जेएनयू कैंपस नयी दिल्ली ने संयुक्त रूप से शनिवार को पुस्तकालय पेशेवरों के लिए उद्योग भवन सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया. इसमें अकादमिक में साहित्यिक चोरी को रोकने व पहचान करने, लाइब्रेरी संचालन में साॅफ्टवेयर की उपयोगिता, पुस्तकालयों में आपदा प्रबंधन व तैयारी, पाठकों व विद्यार्थियों की संतुष्टि बढ़ाने के लिए जरूरी कदम, पुस्तकालय सेवा, पाठकों की संख्या और इ-संसाधनों के उपयोग आदि की जानकारी विशेषज्ञों ने दी. ट्रांसफॉर्मिंग एंड एंपावरिंग लाइब्रेरीज, एलआइएस प्रोफेशनल एंड यूजर्स : इमर्जिंग ट्रेंड्स पर विभिन्न राज्यों से आये विशेषज्ञ और प्रतिभागियों ने विचार रखा. डीएमआइ के निदेशक प्रो देबीप्रसाद मिश्रा ने उद्घाटन भाषण में पुस्तकालय के ऐतिहासिक और सामाजिक दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया. उन्होंने नालंदा जैसी प्राचीन पुस्तकालयों का उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे सभ्यता की यात्रा में पुस्तकालय ज्ञान-वितरण और समाज निर्माण का आधार रहे हैं. आधुनिक पुस्तकालयों को केवल सूचनाओं का संग्रहालय नहीं बल्कि नवाचार और सार्वजनिक जुड़ाव के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए.

डिजिटल चुनौती को आत्मसात करना होगा

डीएमआइ के एसोसिएट प्रोफेसर प्रो गौरव मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि लाइब्रेरी और इन्फॉर्मेशन साइंस में तेजी से तकनीक का हस्तक्षेप बढ़ रहा है. डेलनेट की निदेशक डॉ संगीता कौल ने कार्यशाला की भूमिका पर प्रकाश डाला. तकनीकी सत्रों में डेलनेट नेटवर्क रिसोर्स एंड सर्विसेस पर डॉ संगीता कौल, एकेडमिक इंटीग्रिटी एंड यूज ऑफ ड्रिलबिट संस्थापक एवं सीइओ बेलवाड़ी, डेलनेट के खुशाल गिरी गोस्वामी ने फ्री लाइब्रेरी ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर, डीएमआई की प्रो अमृता धीमान आपदा प्रबंधन व इन्हांसिंग यूजर्स स्टीसफेक्शन पर अपना अनुभव और अध्ययन साझा किया.समापन सत्र में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिया गया.

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