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जेइइ मेन सेशन-1 में अब तक के सर्वाधिक 14 लाख स्टूडेंट्स ने करवाया रजिस्ट्रेशन

Updated at : 27 Nov 2025 6:28 PM (IST)
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जेइइ मेन सेशन-1 में अब तक के सर्वाधिक 14 लाख स्टूडेंट्स ने करवाया रजिस्ट्रेशन

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से जेइइ-मेन सेशन-1 में 14 लाख से अधिक स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया है

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-अब तक अधिकतम 13.11 लाख स्टूडेंट्स हुए थे रजिस्टर्ड संवाददाता, पटना

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से जेइइ-मेन सेशन-1 में 14 लाख से अधिक स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया है. वहीं, बिहार से 60 हजार से अधिक स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया है. अंतिम तिथि 27 नवंबर को भी बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया. रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या अभी और बढ़ेगी. जेइइ मेन आवेदन प्रक्रिया में साल-दर-साल आवेदन करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ती जा रही है. पिछले छह वर्षों में यह संख्या दोगुने से भी अधिक हो चुकी है. पिछले छह वर्षों में सेशन-1 के लिए वर्ष 2021 में 6,52,628, वर्ष 2022 में 8,72,970, वर्ष 2023 में 8,60,064, वर्ष 2024 में 12,21,624 एवं 2025 में 13,11,544 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया था. इस वर्ष जेइइ मेन 2026 के लिए 14 लाख से अधिक स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया है. गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष एक लाख स्टूडेंट्स आवेदन प्रक्रिया में बढ़ चुके हैं. ऐसे में पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखते हुए अप्रैल परीक्षा में दो लाख से अधिक युनीक स्टूडेंट्स और आवेदन करेंगे, तो वर्ष 2026 में सेशन-1 व सेशन-2 मिलाकर यूनीक कैंडिडेट की संख्या 16 लाख से अधिक होना तय है, जिससे गत वर्षों के मुकाबले इस वर्ष एनआइटी, ट्रिपलआइटी में प्रवेश के लिए कंपीटीशन बढ़ेगा.

एक से दो दिसंबर तक आवेदन में कर सकते हैं सुधार

एलन कैरियर इंस्टीट्यूट के कैरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि जिन स्टूडेंट्स ने जेइइ मेन आवेदन के दौरान कोई भी गलती कर दी है, उन्हें एक एवं दो दिसंबर के मध्य गलतियों में करेक्शन का अवसर दिया जायेगा. करेक्शन का यह मौका स्टूडेंट्स के लिए पहला एवं अंतिम मौका होगा.

क्यों बढ़ रहा है ट्रेंड

देश में इंजीनियरिंग एजुकेशन के प्रति रूझान बढ़ता जा रहा है. इसका महत्वपूर्ण कारण है कि देश-दुनिया में तकनीक से जुड़े रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं. टेक्निकल ग्रेजुएट्स को सामान्य ग्रेजुएट्स की तुलना में अधिक व बड़े अवसर प्राप्त हो रहे हैं. इसके साथ ही इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट्स में सीटों की संख्या भी हर वर्ष बढ़ायी जा रही है. इससे बड़े संस्थानों में प्रवेश के प्रति स्टूडेंट्स की रुचि बढ़ती जा रही है. सीटों की संख्या अधिक होना, रोजगार के अवसर ज्यादा मिलना और वर्तमान समय में तकनीक का उपयोग बढ़ना, इंजीनियरिंग एजुकेशन के प्रति बढ़ते रूझान का बड़ा कारण है. देश में वर्तमान में आइआइटी, एनआइटी, ट्रिपलआइटी व जीएफटीआइ की कुल सीटें करीब 58 हजार हैं. इसके साथ ही बड़ी संख्या में प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज और विश्वविद्यालयों की सीटें हैं, जिनमें अध्ययन कर स्टूडेंट्स कैरियर बना रहे हैं.

स्किल की डिमांड भी बड़ा कारण

आहूजा ने बताया कि देश में स्किल पावर बढ़ाने के लिए सरकारों की ओर से लगातार अभियान चलाये जा रहे हैं. युवाओं को स्किल्ड बनाने के लिए प्रोजेक्ट लाये जा रहे हैं. गांव-गांव में स्किल के आधार रोजगार के अवसर सृजित किये जा रहे हैं. इसे देखते हुए भी गांव तक के युवा इंजीनियरिंग शिक्षा में कैरियर देखने लगे हैं. तकनीकी शिक्षा से जुड़कर युवा खुद को स्किल्ड कर रोजगार के लिए तैयार कर रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANURAG PRADHAN

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By ANURAG PRADHAN

ANURAG PRADHAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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