ePaper

तमिलनाडु: मौसी शशिकला ने बनाई नई पार्टी, तो भांजे ने कसा तंज; ‘इंस्टेंट सांभर-इडली’ जैसी पार्टी

Updated at : 25 Feb 2026 3:06 PM (IST)
विज्ञापन
Tamilnadu Dhinakaran compared Sasikala's new party to 'instant sambar-idli'

दिनाकरन और शशिकला.

तमिलनाडु: राजनीति में कभी-कभी रिश्ते नाते भी बेगाने हो जाते हैं. तमिलनाडु की राजनीति में भी ऐसा ही देखने को मिल रहा है, जहां मौसी शशिकला ने एक नई पार्टी बनाई तो भांजे दिनाकरन ने तंज कसते हुए इसकी तुलना इंस्टेंट सांभर-इडली से कर दी. उन्होंने कहा कि अब उनके असली रंग सामने आ चुके हैं.

विज्ञापन

तमिलनाडु: अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) के महासचिव टी टी वी दिनाकरन ने वी के शशिकला द्वारा नई राजनीतिक पार्टी शुरू किए जाने पर तीखा कटाक्ष किया है. दिनाकरन ने इसे ‘इंस्टेंट सांभर’ और ‘इंस्टेंट इडली’ जैसा करार देते हुए कहा कि ऐसी पार्टियों से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की चुनावी संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा. वी के शशिकला, दिनाकरन की मौसी हैं. 

24 फरवरी को तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता की 78वीं जयंती के अवसर पर शशिकला ने अपनी नई पार्टी की घोषणा की. उन्होंने रामनाथपुरम जिले के कमुथी में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी निर्माण के साथ राजनीति में वापसी की. इस मौके पर उन्होंने पार्टी का झंडा भी जारी किया, जिस पर सी एन अन्नादुरै, एम जी रामचंद्रन और जयललिता की तस्वीरें अंकित हैं. इस दौरान शशिकला ने अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी पर भी निशाना साधा, जिन्होंने उन्हें पार्टी से बाहर किया था.

क्या-क्या बोले दिनाकरन?

शशिकला के इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए दिनाकरन ने कहा, ‘लोकतंत्र में कोई भी पार्टी बना सकता है. आजकल कई नई पार्टियां इंस्टेंट सांभर और इंस्टेंट इडली की तरह अचानक सामने आ जाती हैं.’ उन्होंने दावा किया कि ‘अम्मा’ के सच्चे अनुयायियों को एकजुट होकर अम्मा का शासन स्थापित करने से कोई नहीं रोक सकता.

तिरुनेलवेली में पत्रकारों से बातचीत में दिनाकरन ने कहा कि एएमएमके और अन्नाद्रमुक के सभी सच्चे समर्थक आगामी विधानसभा चुनावों के लिए मजबूती से एकजुट हैं. हम राज्य में अम्मा का शासन स्थापित करेंगे. बिना नाम लिए उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग अब तक अम्मा का शासन स्थापित करने का दावा करते रहे, उनके ‘असली रंग’ अब सामने आ चुके हैं.

हालांकि, 2017 में अन्नाद्रमुक में हुए संकट का जिक्र करते हुए दिनाकरन ने शशिकला का बचाव किया और कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के दबाव में इस्तीफा दिया था, न कि शशिकला के कारण. अगस्त 2017 में पन्नीरसेल्वम और पलानीस्वामी ने शशिकला और दिनाकरन दोनों को अन्नाद्रमुक से निष्कासित कर दिया था. बाद में जुलाई 2022 में पलानीस्वामी ने पन्नीरसेल्वम को भी पार्टी से हटा दिया.

जयललिता की मौत के बाद राजनीति से आउट हो गईं शशिकला

जयललिता की 2016 में दिल का दौरा पड़ने की वजह से अस्पताल में 72 दिन भर्ती रहने के बाद मौत हो गई थी. उनकी मौत के बाद शशिकला एआईडीएमके की महासचिव बनाया गया और उन्होंने मुख्यमंत्री बनने का भी प्रयास किया. हालांकि, बाद में उनके ऊपर जयललिता की हत्या करने का भी आरोप लगने लगा. कुछ दिनों बाद उन्हें आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी करार दिया और चार साल की जेल हुई. इसकी वजह से उनके 10 साल तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लग गया, जो 2027 तक है. 

पार्टी गठन के बाद क्या बोलीं शशिकला?

अपनी पार्टी के गठन के मौके पर शशिकला ने सभी बातों का जवाब दिया. जयललिता की पूर्व विश्वासपात्र शशिकला ने तमिलनाडु चुनाव से कुछ महीने पहले नई पार्टी की घोषणा करते हुए कहा, ‘हम एक नए राजनीतिक अध्याय के साक्षी बनने जा रहे हैं. मैंने स्पष्ट निर्णय लिया है. यह तमिलनाडु, उसके लोगों और हमारे कार्यकर्ताओं के हित में है. हम एक नई द्रविड़ पार्टी शुरू करने जा रहे हैं.’

दिसंबर 2016 में जयललिता के निधन के बाद की घटनाओं का जिक्र करते हुए शशिकला ने कहा कि उन्होंने ही पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री बनाया था और 2016-21 की पार्टी सरकार को अस्थिरता से बचाने के लिए सावधानी बरती थी. उन्होंने आरोप लगाया, ‘जिन्हें मैंने मुख्यमंत्री बनाया, उसी व्यक्ति ने मुझे कागज के टुकड़े की तरह पार्टी से बाहर कर दिया. मैं अपना गुस्सा जाहिर नहीं करती, यह मैंने थलैवर (एमजीआर) से सीखा है.’

जयललिता की मौत के बाद के घटनाक्रम को किया बयां

पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम के बारे में उन्होंने कहा कि पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद ‘धर्म युद्ध’ छेड़ने का उनका फैसला ही उनके लिए समस्याओं का कारण बना, जिसका असर आज तक जारी है. उन्होंने कहा कि 2016 में उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने का फैसला उसी अस्पताल में लिया गया था, जहां जयललिता भर्ती थीं.

उन्होंने एआईएडीएमके के संस्थापक एमजी रामचंद्रन की मृत्यु के बाद की परिस्थिति से तुलना की. उन्होंने कहा कि तब जयललिता को अपमान झेलना पड़ा था और जयललिता की मौत के बाद उन्हें. शशिकला ने कहा कि उनकी यह नई पार्टी अन्ना, एमजीआर और जयललिता के पदचिन्हों पर चलने वाली एक द्रविड़ पार्टी होगी. आम आदमी की पार्टी, जो दुश्मनों को जड़ से उखाड़ फेंकेगी.

ये भी पढ़ें:- ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के खिलाफ याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट बोला- मोटी चमड़ी रखिए…

ये भी पढ़ें:- डिप्टी सीएम के भाई के घर एसीबी की छापेमारी, भ्रष्टाचार के मामले में हुई कार्रवाई

विज्ञापन
Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola