बिहार में ‘सर्च एंड डेस्ट्रॉय’ के बाद अब ‘सर्च एंड अरेस्ट ऑपरेशन’ रात में होगी नाइटविजन कैमरे से निगरानी

ड्रोन के इस्तेमाल से शराब की रिकवरी में 100 गुना तक इजाफा हुआ है. विभाग ने पहले चरण में ड्रोन कैमरों की मदद से ऑपरेशन ‘ सर्च एंड डेस्ट्रॉय ’ चलाया, जिसमें बड़ी संख्या में देशी शराब के अड्डों की पहचान कर उनको ध्वस्त किया गया.
पटना. देशी शराब के अड्डों को ध्वस्त करने में ड्रोन से मिल रही सफलता को देख कर मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग काफी उत्साहित है. ड्रोन के इस्तेमाल से शराब की रिकवरी में 100 गुना तक इजाफा हुआ है. विभाग ने पहले चरण में ड्रोन कैमरों की मदद से ऑपरेशन ‘ सर्च एंड डेस्ट्रॉय ’ चलाया, जिसमें बड़ी संख्या में देशी शराब के अड्डों की पहचान कर उनको ध्वस्त किया गया. अभियान के दूसरे चरण में अब ऑपरेशन ‘ सर्च एंड अरेस्ट ’ पर फोकस किया जा रहा है. इसमें उन लोगों को चिह्नित कर गिरफ्तार किया जायेगा, जिन्होंने अड्डे ध्वस्त होने के बाद उसे दोबारा लगाया. इसके लिए सभी जिलों के मद्य निषेध अधीक्षकों को विशेष निर्देश दिया गया है.
मद्य निषेध विभाग के आयुक्त बी कार्तिकय धनजी ने बताया कि ड्रोन की मदद से बड़ी संख्या में देशी शराब के अड्डों को चिह्नित कर उसको ध्वस्त करने में सफलता मिली है. इससे शराब का कारोबार करने वाले हतोत्साहित हुए हैं. इस दौरान हाइ क्वालिटी कैमरों से लैस ड्रोन ने शराब निर्माण करने वाले माफियाओं के चेहरे भी कैद किये. इन सब तस्वीरों के आधार पर आरोपितों की पहचान कर उनके खिलाफ स्थानीय थाने में मामला दर्ज कराया गया है. इसके आधार पर अब उनकी गिरफ्तारी को लेकर अभियान चलाते हुए छापेमारी तेज करने के निर्देश दिये गये हैं.
आयुक्त ने बताया कि होली को लेकर शराब कारोबारियों की सक्रियता बढ़ने की संभावना को देखते हुए गश्ती बढ़ा दी गयी है. जिलों में एंटी लीकर टास्क फोर्स के अलावा हर 50 किमी पर दोपहिया वाहनों से गश्ती होगी. राज्य के पांच चेक पोस्टों पर चलंत फुल बॉडी ट्रक स्कैनर से गाड़ियों के जांच की व्यवस्था की जा रही है. नदी, जंगल, सड़क और शहरी इलाकों में सघन गश्ती अभियान चलाने के लिए आवश्यक वाहन और फोर्स की व्यवस्था की जा रही है. इसके साथ ही नाइटविजन ड्रोन्स से रात में भी गश्ती करायी जायेगी, ताकि इन शराब कारोबारियों को जड़ जमाने का कोई भी मौका नहीं मिले.
Also Read: यूक्रेन से अब तक लौटे 96 बिहारी, रोमानिया बॉर्डर पर दिखे दो हजार भारतीय, फंसे लोगों की बन रही सूची
पटना. मद्य निषेध अधिनियम के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने पर मद्य निषेध विभाग ने चार अलग-अलग मामलों में आठ मद्य निषेध कर्मियों पर कार्रवाई की है. इनमें एक मद्य निषेध सिपाही को बर्खास्त कर दिया गया, जबकि चार कर्मियों की पांच वार्षिक वेतनवृद्धि पर रोक लगा दी गयी है. इसके साथ ही दो कर्मियों की एक वार्षिक वेतनवृद्धि पर रोक, जबकि एक कर्मी को निंदन की सजा सुनायी गयी है.
किशनगंज में शराब कारोबारियों की मदद करने के मामले में तीन मद्य निषेध कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई चलायी जा रही थी. इनमें एक सिपाही सुधांशु कुमार को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि सहायक अवर निरीक्षक अजय कुमार और सिपाही रणविजय कुमार की पांच वार्षिक वेतनवृद्धि रोक दी गयी. इसी तरह, पटना में एक व्यक्ति के पास एक बोतल विदेशी शराब मिलने पर उससे वसूली के मामले में दो मद्य निषेध सिपाही विनय कुमार राय और प्रवीण कुमार की एक-एक वार्षिक वेतनवृद्धि पर रोक लगायी गयी है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




