TRE-4 के पहले STET की मांग कर रहे अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज, दो का सिर फुटा, कई भगदड़ में गिर कर घायल
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 07 Aug 2025 8:00 PM
TRE-4: पटना में शुक्रवार को शिक्षक अभ्यर्थियों ने एसटीइटी परीक्षा के आयोजन की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया, जेपी गोलंबर पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प हुई, जिसके बाद लाठीचार्ज और भगदड़ मच गई, अभ्यर्थियों ने टीआरइ-4 से पहले एसटीइटी कराने की मांग की.
TRE-4: चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) के पहले एसटीइटी के आयाेजन की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को जम कर प्रदर्शन किया. हजारों की संख्या में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को पुलिस ने गांधी मैदान के जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर रोक दिया. इस दौरान कई अभ्यर्थी बैरिकेडिंग तोड़ कर आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे. जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकना चाहा, तो अभ्यर्थी उनके साथ धक्का-मुक्की करने लगे.
अभ्यर्थियों ने कई पुलिसकर्मियों की वर्दी पकड़ फाड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास लाठीचार्ज कर दिया. इसके बाद जेपी गोलंबर के पास भगदड़ मच गयी. प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ राहगीर भी इधर-उधर भागने लगे. कई लोग बाइक छोड़ कर साइड हो गये. लाठीचार्ज में दो अभ्यर्थियों का सिर फुट गया. वहीं, कई भगदड़ में गिर कर जख्मी हो गये. घायल साथियों को अभ्यर्थियों ने पीएमसीएच में भर्ती कराया.
शिक्षक अभ्यर्थी पटना कॉलेज समेत अन्य इलाकों से सीएम हाउस का घेराव करने निकले थे. वे डाकबंगला चौराहा होते हुए सीएम हाउस जाना चाह रहे थे. पुलिस ने सभी को जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर रोका. करीब एक घंटे यहां प्रदर्शन के बाद अभ्यर्थी बैरिकेडिंग तोड़ कर आगे निकले लगे. इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया.
टीआरइ-4 से पहले हो एसटीइटी, मुख्य सचिव से मिला प्रतिनिधिमंडल
लाठीचार्ज के बाद अभ्यर्थी डाकबंगला चौराहे पर जुट गये. पुलिस ने यहां भी बैरिकेडिंग कर सभी को रोका. वाटर कैनन की गाड़ी बुलायी गयी. अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की होने लगी. जेपी गोलंबर पर प्रदर्शन के बीच मुख्य सचिव ने पांच अभ्यर्थियों को मिलने के लिए बुलाया. इससे पहले कुछ अधिकारी उनसे बात करने पहुंचे थे. अभ्यर्थियों के हाथ में ‘बिहार मांगे एसटीइटी’ और ‘एसटीइटी नहीं तो वोट नहीं’ के पोस्टर थे. मुख्य सचिव से मुलाकात के बाद अभ्यर्थियों ने की मांग कि टीआरइ-4 से पहले एसटीइटी हो. इसको लेकर सीएम नीतीश ट्वीट कर जानकारी दें.
अभ्यर्थी बाेले, दो साल से नहीं हुआ है एसटीइटी
अभ्यर्थियों ने कहा कि पिछले दो साल से एसटीइटी नहीं हुआ है. वहीं, सरकार ने वादा किया था कि साल में दो बार एसटीइटी होगा. एसटीइटी नहीं होने से टीआरइ में शामिल होने से दो लाख अभ्यर्थी वंचित रह जायेंगे. आचार संहिता लगने के बाद कुछ नहीं हो पायेगा. सीएम से हमारा निवेदन है कि हमारी मांग को पूरा करें. कई अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने सीटीइटी और बीएड जैसे कोर्स पूरे कर लिये हैं, लेकिन एसटीइटी के बिना वे आवेदन नहीं कर सकते. एक अभ्यर्थी राहुल ने कहा कि बिहार में एसटीइटी दो साल से नहीं हुआ है. 15 सालों से लाइब्रेरियन की परीक्षा नहीं हुई है.
जमीन पर गिरे अभ्यर्थी को जूते से मारते दारोगा का वीडियो वायरल
लाठीचार्ज के दौरान एक दारोगा जमीन पर गिरे एक अभ्यर्थी को लात से पिटाई कर रहा है. वह बार-बार उठने की कोशिश करता है, जिसके बाद फिर से उसे दारोगा जूतों से उसके शरीर पर मार कर जमीन पर गिरा दे रहा है. दारोगा का यह वीडियो काफी वायरल हो रहा है.
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अभ्यर्थियों की मांगें
- टीआरइ-4 से पहले एसटीइटी 2024 का आयोजन किया जाये
- योग्य अभ्यर्थियों को बराबरी का अवसर मिले
- शिक्षा विभाग भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाये रखे
- विशेष परीक्षा में भी डोमिसाइल नीति हो लागू
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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