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पटना NMCH में मरीज की मौत के बाद परिजनों ने की तोड़फोड़, नाराज जूनियर डॉक्टरों ने फिर बंद किया काम, जानें क्या कर रहे मांग

Updated at : 28 Apr 2021 5:32 PM (IST)
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पटना NMCH में मरीज की मौत के बाद परिजनों ने की तोड़फोड़, नाराज जूनियर डॉक्टरों ने फिर बंद किया काम, जानें क्या कर रहे मांग

पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्‍पताल (NMCH) में दोपहर को एकबार फिर सभी जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गये. कोरोनाकाल के इस संकट भरे दौर में सूबे के इस बड़े सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों के काम छोड़ देने से एकबार फिर मरीजों के परिजनों के बीच हाहाकार मच गया है. मामला इसी अस्पताल में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद बिगड़ा. मृतक के परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर अस्पताल में तोड़फोड़ किया और डॉक्टरों को भी निशाने पर लिया. जिसके बाद डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया.

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पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्‍पताल (NMCH) में दोपहर को एकबार फिर सभी जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गये. कोरोनाकाल के इस संकट भरे दौर में सूबे के इस बड़े सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों के काम छोड़ देने से एकबार फिर मरीजों के परिजनों के बीच हाहाकार मच गया है. मामला इसी अस्पताल में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद बिगड़ा. मृतक के परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर अस्पताल में तोड़फोड़ किया और डॉक्टरों को भी निशाने पर लिया. जिसके बाद डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मामला सुबह करीब 4 बजे का है. कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के बाद परिजन भड़क गए और अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की. एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर कक्ष के साथ ही अस्पताल के कई हिस्सों में तोड़फोड़ किया. डॉक्टरों ने किसी तरह अपनी जान बचाई. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मरीज के परिजनों ने ऑक्सीजन सप्लाई को भी अंदर प्रभावित किया.

जानकारी के अनुसार, जिस समय ये वाक्या हुआ उस समय पुलिस भी अंदर तैनात नहीं थी. डॉक्टरों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई है. बता दें कि पिछली बार भी हंगामे से नाराज डॉक्टरों ने यहां हंगामे के विरोध में हडताल किया था और एसपी और डीएम ने बैठक कर उन्हें पूर्ण सुरक्षा देने का आश्वासन दिया था. लेकिन आज फिर डॉक्टरों ने खुद को असुरक्षित महसूस किया और हड़ताल पर चले गए. गौरतलब है कि इसबार कोरोना के दूसरे लहर ने जब दस्तक दी है तो कई चिकित्साकर्मी संक्रमित हो गए हैं जिससे स्टाफ और डॉक्टरों की संख्या बेहद कम हो गई है.

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By: Thakur Shaktilochan

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