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बिहार चुनाव से पहले HAM की बड़ी तैयारी! जीतन राम मांझी इस दिन बनाएंगे जीत की रणनीति

Updated at : 28 Mar 2025 8:29 AM (IST)
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jitan ram manjhi| Jitan Ram Manjhi said- Nehru and Modi are champions of their respective times

जीतनराम मांझी की फाइल फोटो

Jitan Ram Manjhi: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. एनडीए गठबंधन में शामिल हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM, सेक्युलर) ने भी अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है. पार्टी ने 13 अप्रैल को पटना में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है.

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Jitan Ram Manjhi: बिहार में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं. सभी प्रमुख दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. इसी क्रम में, एनडीए गठबंधन में शामिल हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM, सेक्युलर) ने भी अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है. पार्टी ने 13 अप्रैल को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक बुलाने का फैसला किया है, जिसमें चुनावी रणनीति पर चर्चा की जाएगी.

पटना में होगी बैठक, जीतन राम मांझी रहेंगे मौजूद

HAM के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण ने बताया कि यह बैठक पटना स्थित पार्टी कार्यालय (12M स्ट्रैण्ड रोड) में आयोजित होगी. बैठक में पार्टी के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन, पार्टी के सभी विधायक और शीर्ष पदाधिकारी मौजूद रहेंगे. इस बैठक में आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन की भूमिका और चुनावी एजेंडा तय किया जाएगा.

HAM की चुनावी तैयारियां और संभावित रणनीति

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का प्रमुख घटक है. 2020 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की थी और इसके बाद संतोष कुमार सुमन को मंत्री बनाया गया था. हालांकि, 2023 में उन्होंने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था, जिससे पार्टी की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे. अब आगामी चुनाव में HAM कितनी सीटों पर लड़ेगी और NDA में उसकी भूमिका क्या होगी, यह बैठक के बाद साफ हो सकता है.

2015 में हुआ था पार्टी का गठन

पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने 8 मई 2015 को हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) का गठन किया था. इसके दो महीने बाद चुनाव आयोग ने इसे आधिकारिक मान्यता दी. पार्टी का चुनाव चिन्ह ‘कड़ाही’ है.

HAM की यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि बिहार में जातीय समीकरण और गठबंधन की राजनीति लगातार बदल रही है. ऐसे में पार्टी की भूमिका क्या होगी और वह कितनी सीटों की दावेदारी करेगी, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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