अनंत सिंह की मांग- बिहार में शराब चालू हो, दिलीप जायसवाल बोले- बोलने से पहले शराबबंदी के फायदे भी बताने चाहिए

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 02 Apr 2026 7:40 AM

विज्ञापन

अनंत सिंह और दिलीप जायसवाल की फाइल फोटो

Anant Singh On Liquor Ban: बिहार में शराबबंदी को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है. जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने शराबबंदी खत्म करने की मांग की है. जिस पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए संतुलित बहस की नसीहत दी है.

विज्ञापन

Anant Singh On Liquor Ban: बिहार में शराबबंदी को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है. मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह द्वारा शराबबंदी खत्म करने की मांग उठाए जाने के बाद अब नीतीश सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने उन्हें नसीहत दी है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बोलने से पहले शराबबंदी के सकारात्मक पहलुओं पर भी चर्चा होनी चाहिए.

अनंत सिंह के बयान से बढ़ी सियासी हलचल

जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद अनंत सिंह लगातार अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं. हाल ही में उन्होंने कहा था कि बिहार में शराबबंदी अपने उद्देश्य में सफल नहीं हुई है. उन्होंने तर्क दिया कि राज्य में आज भी शराब की खपत जारी है और तस्करी बढ़ गई है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शराबबंदी के बाद सूखे नशे का चलन तेजी से बढ़ा है.

मंत्री दिलीप जायसवाल की सख्त प्रतिक्रिया

इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने बिना नाम लिए कहा कि किसी भी नेता को इस मुद्दे पर बोलने से पहले शराबबंदी के फायदे भी बताने चाहिए. उन्होंने कहा कि शराबबंदी और सूखे नशे को एक नजर से नहीं देखा जा सकता. उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन समाधान और संतुलित चर्चा भी जरूरी है.

‘अच्छाई और बुराई दोनों पर हो चर्चा’

जायसवाल ने कहा कि शराबबंदी को लेकर केवल आलोचना ही नहीं, बल्कि इसके अच्छे प्रभावों पर भी विचार करना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि बहस संतुलित होनी चाहिए, ताकि सही दिशा में निर्णय लिया जा सके.

2016 से लागू है पूर्ण शराबबंदी

बिहार में साल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है. इसके तहत राज्य में शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन पर पूरी तरह प्रतिबंध है. इस कानून का उद्देश्य समाज में सुधार और अपराधों में कमी लाना था.

तस्करी और सूखे नशे पर चिंता

हालांकि, शराबबंदी के बाद राज्य में अवैध शराब के धंधे और पड़ोसी राज्यों व नेपाल से तस्करी बढ़ने की बात सामने आती रही है. वहीं, शराब नहीं मिलने के कारण सूखे नशे का प्रचलन भी बढ़ा है, खासकर युवाओं के बीच, जो चिंता का विषय बन गया है.

पहले भी उठ चुकी है समीक्षा की मांग

यह पहली बार नहीं है जब शराबबंदी पर सवाल उठे हैं. विधानसभा के पिछले बजट सत्र में भी विपक्ष के साथ-साथ कुछ सत्तापक्ष के विधायकों ने इस कानून की समीक्षा की मांग की थी. हालांकि, सरकार ने साफ कर दिया था कि फिलहाल शराबबंदी खत्म करने का कोई इरादा नहीं है.

Also Read: बिहार में CM फेस पर सस्पेंस: 10 अप्रैल को हो सकता है बड़ा ऐलान, मनोज तिवारी के बयान से बढ़ी हलचल

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन