गांवों में महंगाई दर रही 1.20% , शहरों में 3.40 फीसदी

बिहार के गांवों में जीवनयापन करना शहरों की तुलना में आसान है.राज्य के शहरों में गांवों की तिगुना महंगाई बढ़ी है.
पटना.बिहार के गांवों में जीवनयापन करना शहरों की तुलना में आसान है.राज्य के शहरों में गांवों की तिगुना महंगाई बढ़ी है. मई महीने में बिहार के गांवों में महंगाई दर 1.20 फीसदी रही. यानी रोजाना की जरूरत के सामान में मई 2024 की तुलना में मई 2025 में 1.20 फीसदी का इजाफा हुआ है. वहीं, बिहार के शहरों की महंगाई दर सालभर पहले की तुलना में 3.40 फीसदी हो गयी है.इसका खुलासा मई महीने के लिए जारी देश के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और राज्यवार उपभोक्ता वस्तुओं की महंगाई दर से होती है. गांव की तुलना में शहरों की महंगाई दर तिगुना बढ़ने से यह साफ है कि गांव के लोग स्थानीय स्तर पर ही उत्पादित वस्तुओं का ज्यादा उपयोग कर रहे हैं. वहीं वस्तुएं जब गांव में उत्पादित होकर सप्लाइ चेन के माध्यम से शहरों में पहुंचती हैं, तो उनकी कीमत अधिक हो जाती है. गांव की तुलना में शहरों में अधिक महंगाई का बड़ा कारण यह भी है कि गांव में शहरों की तुलना में डिमांड काफी कम है.
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