आइआइटी पटना और एकेयू में नैनोप्रौद्योगिकी शोध के लिए समझौता, उच्च शिक्षा और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

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आइआइटी पटना और एकेयू में नैनोप्रौद्योगिकी शोध के लिए समझौता, उच्च शिक्षा और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

आइआइटी पटना और आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के बीच नैनोप्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं.

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संवाददाता, पटना: आइआइटी पटना और आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के बीच नैनोप्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं. इस रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य नैनोइलेक्ट्रॉनिक्स, नैनोमेडिसिन, जल शुद्धीकरण के लिए नैनो सामग्री, नैनो-उर्वरक तकनीक, नदी अध्ययन और अन्य उभरती तकनीकों में संयुक्त अनुसंधान और अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देना है. समझौता ज्ञापन पर आइआइटी पटना के निदेशक प्रो टीएन सिंह, नैनोविज्ञान प्रमुख डॉ राकेश कुमार सिंह, अनुसंधान एवं विकास के एसोसिएट डीन डॉ अनूप कुमार केशरी और आर्यभट्ट ज्ञान विवि के कुलसचिव प्रो रामजी सिंह ने हस्ताक्षर किये. इस अवसर पर आइआइटी पटना के वरिष्ठ पदाधिकारी और आर्यभट्ट विवि के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे. विवि के कुलपति प्रो शरद कुमार यादव ने वर्चुअल रूप से कार्यक्रम में हिस्सा लिया और शुभकामनाएं दीं. प्रो टीएन सिंह ने कहा कि यह सहयोग दोनों संस्थानों के लिए शोध और नवाचार की दिशा में संयुक्त प्रयासों की शुरुआत है, जो राज्य और देश की तकनीकी प्रगति में अहम भूमिका निभायेगा. वहीं, प्रो यादव ने इसे बिहार के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक मील का पत्थर बताया. यह समझौता संयुक्त शोध परियोजनाओं, अकादमिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और अंतरविषयक शिक्षण को मजबूती प्रदान करेगा.

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