आइजीआइएमएस में अब नहीं होगा कोरोना मरीजों का इलाज, सिर्फ सैंपल के जांच किये जायेंगे
Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 31 Mar 2020 4:38 AM
इमरजेंसी के दौरान अन्य मरीजों के इलाज के लिए इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आइजीआइएमएस) में अब कोरोना मरीजों का इलाज नहीं किया जायेगा. यहां पर कोरोना मरीजों के सिर्फ सैंपल के जांच किये जायेंगे
पटना : इमरजेंसी के दौरान अन्य मरीजों के इलाज के लिए इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आइजीआइएमएस) में अब कोरोना मरीजों का इलाज नहीं किया जायेगा. यहां पर कोरोना मरीजों के सिर्फ सैंपल के जांच किये जायेंगे. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि राज्य में कोरोना के अलावा अन्य प्रकार के गंभीर मरीजों को भी इलाज के लिए सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यह निर्णय लिया गया है.
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज पटना में एनएमसीएच व भागलपुर में जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हो रहा है. एक सवाल के जवाब उन्होंने बताया कि चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों के सुरक्षित इलाज को सोमवार को 12 हजार पीपीइ किट आ चुके हैं. इनमें 5000 किट सभी जिलों में भेज दिये गये हैं. इसके अलावा एक-एक हजार पीपीइ किट एनएमसीएच व जेएलएनएमसीएच, भागलपुर भेज दिये गये हैं.
बिहार में 24 घंटे में पहुंचे 50 हजार लोग
प्रधान सचिव ने बताया कि पिछले 24 घंटे में राज्य में 50 हजार लोग दिल्ली व अन्य राज्यों से आये हैं. अभी और कितने लोग बाहर से बिहार आयेंगे. इसके स्थिर होने में एक-दो दिन लग जायेंगे. उन्होंने बताया कि बाहर से आनेवाले की स्क्रीनिंग व ट्रैकिंग की जा रही है. बिहार आने के पहले बॉर्डर पर इन लोगों की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग की जा चुकी है.
मेडिकल टेस्ट के लिए कुरियर सेवा रहेगी बहाल : स्वास्थ्य विभाग
के प्रधान सचिव ने बताया कि कई प्रकार की बीमारियों की जांच के लिए कुरियर सेवा बहाल रखने की जिम्मेदारी राज्य औषधि नियंत्रक को दी गयी है. साथ ही राज्य में दवाओं की आपूर्ति सिस्टम को भी स्थिर करने की कोशिश की जा रही है.
निजी प्रैक्टिशनरों को ले आइएमए से हुई बात
उन्होंने बताया कि कोरोना को लेकर चिकित्सा क्षेत्र में असामान्य स्थिति हो गयी है. राज्य में मरीजों को इलाज में होनेवाली परेशानी को दूर करने के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष व पदाधिकारियों के साथ बातचीत हुई है. निजी प्रैक्टिशनरों से इस दिशा में पहल करने को लेकर बात किया गया. मरीजों के इलाज को तकनीकी का सहारा लेने पर भी विचार किया जा रहा है.
नहीं हुआ कम्युनिटी ट्रांसमिशन
राज्य में अभी तक कम्युनिटी ट्रांसमिशन की सूचना नहीं मिली है. प्रधान सचिव ने बताया कि कि अभी तक करीब 800 लोगों के सैंपल की जांच की गयी है. 15 में संक्रमण पॉजिटिव पाया गया है. 15 पॉजिटिव में पांच लोगों की ट्रैवल हिस्ट्री रही है. ये लोग विदेश से या अन्य राज्यों से आये थे. पर एक व्यक्ति के कारण 10 लोगों में संक्रमण हुआ है.
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