IGIMS के छात्र को अपने अस्पताल में ही नहीं मिला बेड, मौत के बाद डायरेक्टर के खिलाफ भड़के छात्र

Author Ashish jha
Updated:
विज्ञापन

IGIMS patna

IGIMS: सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद अविनाश को आईजीआईएमएस लाया गया, जहां बेड की कमी बताकर भर्ती नहीं किया गया. एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान बीती रात अभिनव की मौत के बाद छात्र छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा.

विज्ञापन

IGIMS: पटना. बिहार प्रतिष्ठित आईजीआईएमएस पटना के एक मेडिकल स्टूडेंट की मौत के बाद बवाल मच गया है. 2023 बैच के छात्र अभिनव पांडे को अपने ही अस्पताल में बेड नहीं मिला. सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उन्हें आईजीआईएमएस लाया गया, जहां बेड की कमी बताकर भर्ती नहीं किया गया. एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान बीती रात अभिनव की मौत के बाद छात्र छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा. मेडिकल छात्र और छात्राएं अपने डायरेक्टर के व्यवहार से दुखी होकर उनके ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. प्रदर्शनकारी छात्रों ने आईजीआईएमएस में दलाली और पैरवी पर बेड देने का आरोप लगाया है. छात्रों ने यह भी कहा है कि उन्हें एम्बुलेंस भी मुहैय्या नहीं कराया गया. हालात को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बलों को तैनात कर दिया गया है. एसडीएम भी मौके पर कैंप कर रहे हैं. बीते सात तारीख को अभिनव एक सड़क हादसे में घायल हो गए थे.

आपके शहर में

विज्ञापन

तस्वीर- अमृत जयकिशन की.

डायरेक्टर के व्यवहार से छात्र आक्रोशित

अपने ही कॉलेज के छात्र की मौत से आहत आईजीआईएमएस के छात्रों ने डायरेक्टर के घर का घेराव कर दिया है. उनका आरोप है कि डायरेक्टर ने छात्रों के साथ उचित व्यवहार नहीं किया है. दो दिन पहले आईजीआईएमएस के इमरजेंसी में घायल होकर आया था तो उसको बेड नहीं मिला. इसके बाद पारस अस्पताल ले जाया गया, जहां 2022 बैच के छात्र अविनाश पांडेय की मौत हो गई. छात्रों ने पारस का फीस जमा करने के लिए डायरेक्टर से पैसे की मांग की, उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया. छात्रों द्वारा डायरेक्टर बंगले का गेट तोड़ दिया गया और खिड़की का कांच भी तोड़ा गया. मौके पर एसडीएम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल भी पहुंच गई है. डायरेक्टर प्रोफेसर बिंदे कुमार अभी तक बात करने के लिए घर से बाहर नहीं निकले हैं. उनका कहना है कि कार्यालय में ही बात होगी.

तस्वीर- अमृत जयकिशन की.

अस्पताल में न बेड मिला ना एम्बुलेंस

इधर, धरना दे रहे छात्रों ने बताया कि घायल छात्र को अस्पताल लाने पर बेड नहीं मिला. अब उसे लाने के लिए एम्बुलेंस भी नहीं दिया गया. अपनी मांगों को लेकर सुबह ढाई बजे से मेडिकल छात्र-छात्राएं डायरेक्टर आवास के बाहर धरने पर बैठे हैं, लेकिन उन्होंने अबतक मुलाकात नहीं की. प्रदर्शनकारी मेडिकल छात्रों ने अस्पताल में दलालों का अड्डा बन जाने का आरोप लगाया कहा कि पैरवी पर बेड मिलता है. डायरेक्टर का इस्तीफा भी मांगा है. छात्रों का यह भी आरोप है कि निदेशक खुद बात नहीं कर रहे हैं और उन्होंने पुलिस को बुला लिया है और डराने की कोशिश की जा रही है.

कैंपस में पुलिस बल तैनात, तैयार कर रखा था वाटर कैनन

अस्पताल कैंपस में तनाव के माहौल को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किये गये. एसडीपीओ साकेत कुमार भी कैंपस में पहुंचे उन्होंने भी छात्रों का समझाने का प्रयास किया. स्थानीय प्रशासन पूरी घटना पर नजर बनाये हुए था. छात्रों की ओर से तोड़फोड़ होते देख वाटर कैनन पहुंचा, जिसे तैयार करके रखा गया था.

निदेशक इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे छात्र, बारिश हुई तो लौटे

आक्रोशित छात्रों ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय आकर हमसे बात करें, जो होगा, उनके सामने होगा. उन्होंने संस्थान के निदेशक के इस्तीफे की मांग की. वहीं, दोपहर करीब तीन बजे फैकल्टी डॉक्टरों का आश्वासन मिलने व बारिश होने के बाद छात्र निदेशक आवास से लौट गये.

अज्ञात वाहन के टक्कर मारने से जख्मी हुआ था अभिनव

दुर्घटना के मामले में पिता सुजीत पांडेय के फर्दबयान के आधार पर ट्रैफिक थाना, गांधी मैदान में अज्ञात वाहन पर केस दर्ज किया गया है. फर्दबयान के अनुसार, सात अप्रैल की सुबह करीब सात बजे वह बेटे अभिनव के साथ बोरिंग रोड से बेली रोड की ओर जा रहे थे. बाइक को अभिनव चला रहा था और वह पीछे बैठे हुए थे. इसी दौरान हड़ताली मोड़ अंडरपास के पास अज्ञात वाहन ने ठोकर मार दी. इस हादसे में घायल उनके बेटे की इलाज के क्रम में 10 अप्रैल को अस्पताल में मौत हो गयी. इधर, ट्रैफिक थानाध्यक्ष ने बताया कि अज्ञात वाहन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को शव सौंप दिया गया है.
अभिनव को पिता ने एक माह पहले दी थी नयी बाइक

छात्रों ने बताया कि अभी एक महीने पहले ही अभिनव के पिता सुजीत पांडे ने उसे एक नयी बाइक खरीद कर गिफ्ट दी थी, ताकि उसे आने-जाने जाने में कोई परेशानी नहीं हो. सुजीत पांडे पटना के बोरिंग रोड स्थित आनंदपुरी मुहल्ले में अपने परिवार के साथ रहते हैं. बड़ा बेटा अभिनव था. अभिनव से छोटा बेटा क्लास 12 में है और बहन क्लैट परीक्षा की तैयारी करती है. सुजीत पांडे मूलरूप से मोतिहारी जिले के गोविंद के रहने वाले हैं.

Also Read: Bihar Land Survey: सरकारी कार्यालय से गायब हो रहा खतियान , बंदोबस्ती कैसे दिखाएं रैयत

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन