ऐतिहासिक पुस्तकालयाें को मिलेगा विशिष्ट का दर्जा

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राज्य में स्थित ऐसे ऐतिहासिक पुस्तकालयों, जिनके पास अपनी भूमि व भवन है, उन्हें चिह्नित कर विशिष्ट पुस्तकालय के रूप में विकसित किया जायेगा.

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संवाददाता,पटना

राज्य में स्थित ऐसे ऐतिहासिक पुस्तकालयों, जिनके पास अपनी भूमि व भवन है, उन्हें चिह्नित कर विशिष्ट पुस्तकालय के रूप में विकसित किया जायेगा. साथ ही अराजकीय वर्गीकृत पुस्तकालयों में रखी हुई पुरानी पांड़लिपियों और दूसरे अभिलेखों को डिजिटल मोड में सुरक्षित करने के लिए राशि भी उपलब्ध करायी जायेगी.

विभाग ने साफ कर दिया है कि चालू वित्तीय वर्ष में राज्य के आठ सार्वजनिक पुस्तकालयाें को छोड़ कर शेष सभी पुस्तकालयों का भी आधुनिकीकरण किया जायेगा. इससे पहले इसी वित्तीय वर्ष में राधिका सिन्हा इंस्टीट्यूट एवं सच्चिदानंद सिन्हा लाइब्रेरी का सरकार की तरफ से अधिग्रहण किया जा चुका है. राजकीय पुस्तकालय के रूप में स्वीकृति दी जा चुकी है. लिहाजा पटना स्थित सिन्हा लाइब्रेरी के जी प्लस 7 नये भवन के निर्माण के लिए 67.60 करोड़ स्वीकृत की गयी है. इसे हाल ही में प्रशासनिक स्वीकृति भी दे दी गयी है. इन दोनों शिक्षण संस्थानों के निर्माण के लिए राशि बीएसइआइडीसी को दी जा चुकी है. इसके अलावा पिछले वित्तीय वर्ष में नागरी प्रचारिणी जिला केंद्रीय पुस्तकालय आरा, राज्य पुस्तकालय पूर्णिया में आधारभूत संरचना निर्माण के लिए राशि स्थानांतरित की गयी है

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