सड़क हादसों में वृद्धि पर हाइकोर्ट गंभीर, 10 जनवरी तक मांगा जवाब
सड़क हादसों में वृद्धि पर हाइकोर्ट गंभीर, 10 जनवरी तक मांगा जवाब
विधि संवाददाता, पटना हाइकोर्ट ने बिहार में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और सड़कों पर सुरक्षा नियमों के किये जा रहे उल्लंघन से होने वाली घटनाओं में बढ़ोतरी व एमवीआइ के रिक्त पड़े पदों को भरने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को 10 जनवरी, 2025 तक स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है. यह जनहित याचिका विशाल कुमार ने दायर की है. मुख्य न्यायाधीश के विनोद चंद्रन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले को लेकर दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया. कोर्ट को बताया गया कि सड़क दुर्घटनाएं और उनसे होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है. बिहार में सड़क दुर्घटनाओं के मृत्यु दर में 44 फीसदी की वृद्धि हुई है . बिहार में 38 जिले है,जबकि एमवीआइ की कुल संख्या 19 है. बिहार की जनसंख्या लगभग चौदह करोड़ है. उसी अनुपात में वाहनों की संख्या बढ़ी है फिर भी दो जिलों में औसतन एक एमवीआइ ही है. खगड़िया जिला परिषद अध्यक्ष को मिली राहत पटना. हाइकोर्ट से खगड़िया जिला परिषद अध्यक्ष को एक बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने संबंधी निर्वाचन आयोग के आदेश को निरस्त कर दिया है. न्यायमूर्ति नवनीत कुमार पांडेय की एकलपीठ ने पूर्व विधायक रणवीर यादव की पत्नी कृष्ण कुमारी यादव की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद अपना यह फैसला दिया . चिकित्सा सुविधाओं पर सुनवाई 17 जनवरी को पटना. राज्य में मानसिक स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर दायर लोकहित याचिका पर हाइकोर्ट में आंशिक सुनवाई हुई. इस मामले पर विस्तृत सुनवाई 17 जनवरी,2025 को फिर की जायेगी .आकांक्षा मालवीय द्वारा दायर इस लोकहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश के विनोद चंद्रन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ सुनवाई कर रही है.
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