Patna News : बेऊर जेल में कुख्यात रवि गोप के वार्ड से मिले चार स्मार्ट फोन व दो चार्जर

Published by : NITISH KUMAR Updated At : 06 Apr 2025 9:22 PM

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बेऊर जेल के अंदर गोदावरी खंड वार्ड संख्या 2/14 में अधीक्षक नीरज झा ने छापेमारी की और कुख्यात रवि गोप के बेड पर रखे चार स्मार्ट फोन, दो चार्जर व केबल को बरामद किया.

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संवाददाता, पटना : बेऊर जेल के अंदर गोदावरी खंड वार्ड संख्या 2/14 में अधीक्षक नीरज झा ने छापेमारी की और कुख्यात रवि गोप के बेड पर रखे चार स्मार्ट फोन, दो चार्जर व केबल को बरामद किया. एक मोबाइल फोन में जियो कंपनी का सिम कार्ड भी मिला है. रवि गोप कदमकुआं थाने के नाला रोड का रहने वाला है और कई आपराधिक मामलों में जेल में बंद है. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बेऊर जेल अधीक्षक नीरज झा ने त्रिसदस्यीय टीम बनायी है. टीम इस बात की जांच करेगी कि रवि गोप के पास चार स्मार्ट फोन कैसे पहुंचे? साथ ही वार्ड के कक्षपाल आदि को इसकी जानकारी थी या नहीं? लेकिन, यह स्पष्ट है कि बिना बेऊर जेल के किसी कर्मी की मिलीभगत के चार फोन अंदर पाया जाना संभव नहीं है. साथ ही सुरक्षाकर्मियों को भी जानकारी न हो, यह आश्चर्य का विषय है. इस मामले में बेऊर के सुरक्षाकर्मियों पर भी गाज गिर सकती है. रवि गोप को फिलहाल सेल में डाल दिया गया है. इस मामले में जेल प्रशासन की ओर से रवि गोप के खिलाफ में बेऊर थाने में केस दर्ज करा दिया गया है. बेऊर जेल अधीक्षक नीरज झा ने बताया कि त्रिसदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.

गुप्त सूचना के आधार पर की गयी कार्रवाई

बेऊर जेल अधीक्षक को यह जानकारी मिली कि रवि गोप के वार्ड में मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके बाद अधीक्षक रविवार को दो बजे दिन में ही दल-बल के साथ छापेमारी करने पहुंचे. इस दौरान रवि गोप के वार्ड की तलाशी ली गयी, तो उसके बेड पर रखे चार स्मार्ट फोन व दो चार्जर को बरामद कर लिया गया. छापेमारी इतनी गुप्त रूप से और त्वरित गति से की गयी कि रवि गोप उन मोबाइल फोन को छिपाने में सफल नहीं हुआ.

नागपुर से वर्ष 2022 में किया गया था गिरफ्तार

रवि गोप उर्फ रवि यादव पटना का मोस्ट वांटेड क्रिमिनल है. इस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी जारी किया गया था. एसटीएफ ने इसे महाराष्ट्र के नागपुर से वर्ष 2022 में गिरफ्तार किया गया था. यह कई घटनाओं को अंजाम देकर वर्ष 2008 यानी 14 साल से फरार चल रहा था. नागपुर में स्क्रैप का बिजनेस करता था और पटना में अपने गिरोह को संचालित कर रहा था. नाला रोड में बीजेपी के नेता क्रांति की हत्या, संग्राम सिंह और अशोक गुप्ता हत्याकांड में इसका नाम सामने आया था. रवि गोप के खिलाफ पटना के तीन थानों में 16 एफआईआर दर्ज हैं. इनमें अकेले कदमकुआं थाने में एक दर्जन केस दर्ज हैं, जबकि पीरबहोर में तीन और फुलवारीशरीफ थाने में एक एफआईआर दर्ज है.

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