BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर 3 दिन पहले ही हो चुका था लीक, जानिए EOU ने और क्या खुलासे किए..
Published by : ThakurShaktilochan Sandilya Updated At : 11 May 2024 11:15 AM
BPSC TRE 3.0 पेपर लीक मामले में ईओयू ने खुलासे किए हैं. जानिए क्या कुछ बातें सामने आयी हैं..
BPSC Tre 3 Paper Leak: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा 15 मार्च 2024 को ली गयी शिक्षक नियुक्ति परीक्षा (फेज तीन) के पेपर लीक मामले का आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) ने खुलासा कर दिया है. इस परीक्षा का प्रश्न पत्र परीक्षा तिथि से तीन दिन पहले यानि 12 मार्च को ही पटना से नवादा प्रश्न पत्र ले जाने के क्रम में साजिशन लीक किया गया था.
पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड
इस पूरे कांड का मास्टर माइंड गिरफ्तार अभियुक्त नालंदा के नगरनौसा का डॉ शिव और उसका पिता डॉ संजीव उर्फ संजीव मुखिया है, जिन्होंने बड़ी चालाकी से प्रश्न पत्र की पेटी को स्पेशलाइज्ड टूल के माध्यम से खोल कर प्रश्न पत्र को स्कैन कर लिया. इसमें वाहन चालकों की भी मिलीभगत थी. इसके बाद हजारीबाग (झारखंड) के कोहिनूर बैंक्वेट हॉल में सैकड़ों अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र के उत्तर रटवाये गये. हालांकि प्रश्न पत्र लीक का खुलासा हो जाने की वजह से बीपीएससी ने बाद में इस परीक्षा को रद्द कर दिया था.
ट्रांसपोर्टेशन को गाड़ियां देने वाली एजेंसी के संचालक को किया मैनेज
इओयू ने बताया है कि डॉ शिव गिरोह प्रोफेशनल तरीके से पिछले कई वर्षों से विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक की घटनाओं को अंजाम देता रहा है. शिक्षक नियुक्ति फेज तीन परीक्षा से पहले इनको जानकारी मिली गयी थी कि प्रश्न पत्रों का ट्रांसपोर्टेशन डीटीडीसी कूरियर कंपनी द्वारा किया जाना है. इस कूरियर कंपनी को प्राइवेट व्यक्ति श्रीनिवास चौधरी द्वारा भी गाड़ियां उपलब्ध करायी जाती है. इसके बाद इन्होंने जेनिथ लॉजिस्टिक प्राइवेट लि कूरियर कंपनी में मुंशी का काम करने वाले राहुल पासवान को बड़े मुनाफे का लालच देकर श्रीनिवास चौधरी को मैनेज करने का टास्क सौंपा.
डीटीडीसी पटना से नवादा प्रश्न पत्र लेकर निकला था वाहन
इसके बाद राहुल पासवान ने श्रीनिवास चौधरी को अपने साथ मिला कर प्रश्न पत्र को पटना से नवादा ले जाने के क्रम में ही पेटी से निकाल कर स्कैन करने की योजना बना ली. 12 मार्च को डीटीडीसी पटना से प्रश्न पत्र की पेटियां लेकर ड्राइवर रामभवन पासवान निकले, जिनको भी इस साजिश में शामिल कर लिया गया. नियम समय पर गाड़ी को नगरनौसा के बुद्धा फैमिली रेस्तरां पर खड़ा किया गया. योजना के अनुसार यहां पर पहले से ही डॉ शिव, उसके पिता डॉ संजीव उर्फ संजीव मुखिया और इनके गिरोह के कई सदस्य मौजूद थे. इन्होंने होटल मालिक अवधेश कुमार की जानकारी में प्रश्न पत्र की पेटी को स्पेशलाइज्ड टूल के माध्यम से खोल कर प्रश्न पत्र को स्कैन कर लिया.
कूरियर कंपनी वेंडर, ड्राइवर व रेस्तरां संचालक सहित छह गिरफ्तार
इओयू ने बताया है कि पूछताछ में हुए इस खुलासे के बाद छह लोगों की गिरफ्तारी हुई है. इनमें जेनिथ लॉजिस्टिड प्रा लि के दो मुंशी राहुल पासवान और रमेश पासवान, उनका ड्राइवर रामभवन पासवान, शिवाकांत सिंह, डीटीडीसी कूरियर कंपनी का वेंडर श्रीनिवास चौधरी और बुद्धा फैमिली रेस्तरां के अवधेश कुमार शामिल हैं. इनके पूर्व में भी ऐसे मामलों में शामिल होने के प्रमाण प्राप्त हुए हैं, जिनके संबंध में जांच व सत्यापन का कार्य किया जा रहा है.
सिपाही भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी भी थे लॉजिस्टिक कंपनी के दोनों मुंशी
पूछताछ में ही दिलचस्प खुलासा हुआ है कि जेनिथ लॉजिस्टिक कंपनी के गिरफ्तार दोनों मुंशी राहुल पासवान और 2023 में रद्द हुई बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी भी थे. इनकी परीक्षा एक अक्टूबर और 15 नवंबर 2023 को निर्धारित थी. जांच में पता चला कि सिपाही भर्ती प्रश्न पत्र लीक मामले में ट्रांसपोर्टर का काम डीपी वर्ल्ड कंपनी को मिला था, जिनके द्वारा बाद में यह जिम्मेदारी जेनिथ लॉजिस्टिक को दे दी गयी थी. इसके आधार पर सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले में भी इओयू को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं.
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By ThakurShaktilochan Sandilya
डिजिटल मीडिया का पत्रकार. प्रभात खबर डिजिटल की टीम में बिहार से जुड़ी खबरों पर काम करता हूं. प्रभात खबर में सफर की शुरुआत 2020 में हुई. कंटेंट राइटिंग और रिपोर्टिंग दोनों क्षेत्र में अपनी सेवा देता हूं.
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