अब वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत में भी मिलेगा इमरजेंसी कोटा, यात्रियों की मांग पर बदला नियम
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 15 Feb 2026 9:10 PM
वंदे भारत स्लीपर
Vande Bharat Express: भारतीय रेलवे ने अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में इमरजेंसी कोटा लागू कर दिया है. अब एमरजेंसी स्थिति में यात्रियों को कन्फर्म बर्थ मिल सकेगी.
Vande Bharat Express: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है. अब देश की आधुनिक ट्रेनों अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर में भी इमरजेंसी कोटा यानी आपातकालीन बर्थ की व्यवस्था कर दी गई है. पहले इन ट्रेनों में सिर्फ महिला, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और ड्यूटी पास कोटा ही लागू था. इमरजेंसी या आरएसी की सुविधा नहीं थी.
यात्रियों की मांग बढ़ने के बाद रेलवे बोर्ड ने नियमों में बदलाव कर दिया. नए आदेश के मुताबिक अब इन ट्रेनों में कुछ सीटें खास तौर पर आपात स्थिति के लिए सुरक्षित रहेंगी. अमृत भारत ट्रेनों में सात या उससे ज्यादा स्लीपर कोच हैं. अब 24 बर्थ इमरजेंसी कोटे के तहत रखी जाएंगी.
वर्किंग डेज और वीकेंड के लिए अलग-अलग व्यवस्था बनाई गई
वंदे भारत स्लीपर में वर्किंग डेज और वीकेंड के लिए अलग-अलग व्यवस्था बनाई गई है. फर्स्ट एसी में कामकाजी दिनों में 4 और वीकेंड पर 6 बर्थ सुरक्षित रहेंगी. सेकंड एसी में वर्किंग डेज पर 20 और वीकेंड में 30 बर्थ आरक्षित होंगी. थर्ड एसी में सामान्य दिनों में 24 और वीकेंड पर 42 बर्थ इमरजेंसी कोटे में रहेंगी.
इस फैसले से उन यात्रियों को राहत मिलेगी जिन्हें अचानक सफर करना पड़ता है. परिवार में बीमारी, आपात स्थिति या किसी जरूरी सरकारी काम के कारण. पहले इन प्रीमियम ट्रेनों में आखिरी समय पर टिकट मिलना लगभग नामुमकिन था. अब जरूरतमंद लोगों को कुछ हद तक सहूलियत मिलेगी. रेलवे ने जोनल रेलवे को यह अधिकार भी दिया है कि वे समय-समय पर मांग के अनुसार कोटे की समीक्षा कर बदलाव कर सकें.
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कई ट्रेनें लेट
दूसरी ओर नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य के कारण कई ट्रेनों की टाइमिंग गड़बड़ा गई. बेतिया और कुमारबाग स्टेशनों के बीच चल रहे काम की वजह से रूट डायवर्जन और ब्लॉक लिया गया. इससे ट्रेनों की रफ्तार धीमी पड़ी. आनंद विहार से आने वाली सप्तक्रांति एक्सप्रेस करीब तीन घंटे 40 मिनट लेट पहुंची. डाउन सप्तक्रांति भी तीन घंटे से ज्यादा देर से चली.
गोरखपुर-पाटलिपुत्र वंदे भारत एक्सप्रेस भी तय समय से करीब ढाई घंटे देरी से स्टेशन पहुंची. अवध एक्सप्रेस समेत कई अन्य ट्रेनें भी प्रभावित रहीं. यात्रियों को लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ा. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस रूट पर जल्द ही सीआरएस निरीक्षण और स्पीड ट्रायल होना है. इसके बाद संचालन सामान्य होने की उम्मीद है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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