ऑनलाइन चालान से बचने के लिए नंबर प्लेट एक या दो नंबर पर चिपका दे रहे हैं स्टीकर

Updated at : 05 Sep 2024 1:18 AM (IST)
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ऑनलाइन चालान से बचने के लिए नंबर प्लेट एक या दो नंबर पर चिपका दे रहे हैं स्टीकर

बिहार में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए खतरनाक जगहों का स्थल निरीक्षण करने के बाद एनएच, एसएच व ग्रामीण सड़कों पर एक से 10 किलोमीटर तक ऑटोमैटिक कैमरे लगाये जा रहे हैं.

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– विभागीय समीक्षा में हुआ खुलासा, कैमरा नहीं कर पर रहा है ऐसी गाड़ियों का नंबर रीड – विभाग ने सभी जिलों को भेजा निर्देश, अभियान चलाकर ऐसी सभी गाड़ियों को जब्त करें संवाददाता, पटना बिहार में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए खतरनाक जगहों का स्थल निरीक्षण करने के बाद एनएच, एसएच व ग्रामीण सड़कों पर एक से 10 किलोमीटर तक ऑटोमैटिक कैमरे लगाये जा रहे हैं. वहीं, जिलों में रडार गन की संख्या बढ़ायी गयी है, लेकिन इन सभी कैमरों से बचने के लिए वाहन चालकों ने एक नया तरीका निकाला है. इसको देख कर विभाग भी हैरान है. हाल में हुई सड़क सुरक्षा की समीक्षा में विभाग को मिली तस्वीर में पाया गया है कि गाड़ी के नंबर प्लेट पर किसी एक या दो अंक पर छोटा- सा स्टिकर चिपकाया हुआ है,ताकि कैमरा उनके नंबर की पहचान नहीं कर सके और दूर से विभाग और यातायात के अधिकारी नहीं देख सकते हैं. इस नये तरीके का इस्तेमाल राज्य के लगभग सभी शहरों में हो रहा है, जिसे रोकने के लिए विभाग ने जिलों को निर्देश जारी किया है. अब ऐसी गाड़ियों पर जुर्माना लगाने के बाद उसे जब्त किया जायेगा. गाड़ियों के आगे और पीछे लिखना होगा साफ-साफ नंबर विभाग ने सभी डीटीओ और यातायात पुलिस को निर्देश दिया है कि उन गाड़ियों पर सख्ती करें, जिनकी गाड़ी में आगे और पीछे नंबर साफ-साफ नहीं दिख रहा हो. वहीं, उन गाड़ियों को जब्त करें, जिन्होंने गाड़ी के आगे नंबर नहीं लिख रखा है. अभियान चलाकर ऐसी गाड़ियों पर जुर्माना लगाया जाए. विभाग का मानना है कि ऐसी गाड़ियों से अपराधी भी अपराध करते हैं. पुराने नंबर को भी बदलवाने की प्रक्रिया तेज करें विभाग ने जिलों को निर्देश दिया है कि पुराने नंबर प्लेट को हटाकर नया नंबर प्लेट लगाया जाये. यानि गाड़ी में हाइ स्कियूरटी नंबर प्लेट नहीं रहने पर जुर्माना लगाया जायेगा. विभाग के मुताबिक अब भी 20 लाख से अधिक गाड़ियां बिना हाइ सिक्यूरिटी नंबर प्लेट के चल रही हैं. वहीं, फर्जी एचएसआरपी प्लेट भी गाड़ियों में लगे मिल रहे हैं. इनको पकड़ने के लिए जिलों में टीम गठित करने का निर्देश दिया गया है.

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