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महागठबंधन की कथनी और करनी में अंतर : अशोक

Updated at : 13 Jul 2025 1:18 AM (IST)
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महागठबंधन की कथनी और करनी में अंतर : अशोक

ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने शनिवार को महागठबंधन की बैठक पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि महागठबंधन की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का फर्क है.

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संवाददाता, पटना ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने शनिवार को महागठबंधन की बैठक पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि महागठबंधन की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का फर्क है. इसलिए मुझे नहीं लगता कि महागठबंधन की कोई भी बैठक सफल होने वाली है. बिहार के लोग अब ठोस विकास और स्थिरता के साथ हैं, न कि पुराने अराजक दौर की वापसी के साथ. उन्होंने कहा कि हाल ही में महागठबंधन द्वारा बुलाये गये बिहार बंद के बारे में कहा कि इस दौरान जिस प्रकार की अराजकता और हिंसा फैलाई गयी, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि ये लोग बिहार को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं. अशोक चौधरी ने कहा कि जब आप अपने कार्यकर्ताओं को नियंत्रित नहीं रख सकते, तब ए टू जेड की बात करना सिर्फ दिखावा है. महागठबंधन की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का फर्क है.वहीं, जदयू प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा ने विपक्षी महागठबंधन के बारे में कहा है कि उसके घटक दल सीट बंटवारे में उलझे हुए हैं. महागठबंधन में नेतृत्व का संकट और आपसी अविश्वास चरम पर है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAKESH RANJAN

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By RAKESH RANJAN

RAKESH RANJAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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