Dengue In Bihar: पटना में डंक मारने लगा डेंगू, चार अस्पतालों में 34 मरीज भर्ती, जानें कैसे करें बचाव

Dengue In Bihar: पटना में डेंगू एक बार फिर से जानलेवा साबित होने लगा है. पिछले एक सप्ताह में करीब 5 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है. ऐसे में इस बीमारी से बचाव के सतर्कता जरूरी है. जानिए विशेषज्ञों का इस पर क्या कहना है...
Dengue In Bihar: सितंबर की शुरुआत के साथ पटना जिले में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं. सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में हर दिन डेंगू के मरीज आ रहे हैं, जबकि 15 अगस्त से पहले ऐसा नहीं था. यहां तक कि राजधानी पटना में अब डेंगू जानलेवा साबित होने लगा है. एक सप्ताह के अंदर करीब पांच लोगों की मौत इस बीमारी से हो गयी है. डॉक्टरों का कहना है कि पहले तीन-चार दिनों में तीन से चार मामले आते थे, लेकिन अब हर 30 के पार मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो रही है. डॉक्टरों का मानना है कि अब लोगों को सचेत होने की जरूरत है. सफाई के साथ खुद को सुरक्षित रखें.
पीएमसीएच समेत चार अस्पतालों में 34 मरीज डेंगू के भर्ती
शहर के पीएमसीएच, एनएमसीएच, पटना एम्स और आइजीआइएमएस अस्पताल में कुल 34 मरीज डेंगू के भर्ती हैं. इनमें सबसे अधिक एनएमसीएच अस्पताल में 14 मरीज भर्ती हैं, जिनमें दो मरीज शिशु वार्ड में जबकि 12 मरीज मेडिसिन विभाग के अंतर्गत बने डेंगू वार्ड में भर्ती हैं. इसी तरह पीएमसीएच के आइसीयू में बने डेंगू वार्ड में कुल 04 मरीजों का इलाज चल रहा है. इनमें रीता देवी, विमला, सलोनी और अनुराग कुमार शामिल हैं, जो डेंगू पीड़ित होकर भर्ती हैं. इसी क्रम में पटना एम्स में 10 और आइजीआइएमएस में छह डेंगू के मरीज भर्ती हैं. 34 में नौ मरीजों को आइसीयू की जरूरत है जबकि बाकी मरीज जनरल वार्ड में भर्ती हैं.
दावा : पीएमसीएच, गार्डिनर में हैं पर्याप्त दवाएं
डेंगू को देखते हुए सरकारी अस्पतालों को अलर्ट किया गया है. शहर के पीएमसीएच और न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल के अधिकारियों का दावा है कि यहां पर्याप्त दवाएं हैं. अस्पताल के अधीक्षक डॉ आइएस ठाकुर ने कहा कि पैरासिटामोल, आइवी फ्लूइड, नार्मल स्लाइन, एंटीबायोटिक समेत अन्य जरूरत की दवाओं का पर्याप्त स्टॉक मंगाकर रख लिया गया है. यहां तक कि मेडिसिन और इमरजेंसी आइसीयू के सीनियर डॉक्टरों को डेंगू को लेकर अलर्ट भी जारी किया गया है. दूसरी ओर सिविल सर्जन डॉ मिथलेश्वर कुमार ने कहा कि पटना जिले के सभी अनुमंडलीय व पीएचसी अस्पतालों में डेंगू जांच की संख्या बढ़ा दी गयी है. वहीं गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है.
प्लेटलेट्स की कमी के लक्षण
डेंगू में प्लेटलेट्स कम होना आम बात है, जिसकी वजह से कटने या घाव से बहुत देर तक ब्लीडिंग होना, नाक से खून आना, मसूड़ों से खून आना, पेशाब या पॉटी में ब्लीडिंग होना, थकान, भारी पीरियड्स, खांसी में खून आना जैसी दिक्कत हो सकती हैं.
डेंगू होने पर अपनाएं देसी नुस्खा
- डेंगू के बुखार से राहत पाने के लिए नारियल पानी खूब पिएं.
- तुलसी के पत्तों को गर्म पानी में उबाल लें और इस पानी को पिएं.
- डेंगू बुखार में मेथी की पत्तियां उबालकर चाय बनाकर पिएं.
- पपीते के पत्ते भी काफी असरदार हैं.
- तुलसी के पत्तों के साथ काली मिर्च को पानी में उबाल लें और पिएं.
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क्या कहते हैं आयुर्वेद विशेषज्ञ

डेंगू एक मॉस्किटो बॉर्न डिजीज है, जो संक्रमित मच्छर के काटने से इंसानों में फैलता है. इस वायरस को फैलाने के पीछे मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी मच्छर जिम्मेदार होते हैं. आयुर्वेद के मुताबिक, नीम का अर्क चार प्रकार के डेंगू वायरस के विकास को रोकने में सहायक है. डेंगू के गंभीर लक्षण को कम करने में भी पपीता काफी सहायक है. बीमारी के दौरान शरीर में चक्कते हो रहे हैं तो चंदन और गुलाब जल का पेस्ट लगाएं. गिलोय और कालमेघ का जड़ी-बूटी बीमारी के लिए फायदेमंद है. – डॉ अरविंद चौसरिया, शिशु रोग के विभागाध्यक्ष
क्या कहते हैं सिविल सर्जन
डेंगू को लेकर सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है. वहीं इस समय मच्छर से बचाव करना जरूरी है. डेंगू मलेरिया से बचाव के लिए कहीं पर भी पानी न जमा होने दें, इसमें मादा मच्छर अंडे देती है. ऐसे में अपने घर व आसपास की साफ-सफाई रखें. कूलर, एसी, फ्रिज के ट्रे या किसी भी जगह पानी न जमा न हो, इसका ध्यान रखें. मच्छरदानी का उपयोग करें. बुखार होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं और जांच कराने में बिल्कुल भी संकोच न करें. -डॉ मिथलेश्वर कुमार, सिविल सर्जन पटना.

डेंगू के लक्षण
- ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार आना
- सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
- आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, जो आंखों को हिलाने या दबाने से बढ़ जाता है
- कमजोरी, भूख न लगना, जी मिचलाना, मुंह का स्वाद खराब होना
- गले में हल्का दर्द
- शरीर, खासकर चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल-गुलाबी रैशेज होना
डेंगू से कैसे बचें
- घर या ऑफिस के आसपास पानी जमा न होने दें, गड्ढों को मिट्टी से भरें और नालियों की सफाई करें
- जहां पानी जमा हो, वहां पेट्रोल या केरोसिन डालें
- कूलर, फूलदान और बर्तन का पानी हफ्ते में एक बार बदलें
- घर में छत या खुले हिस्से में टूटे-फूटे सामान जैसे बर्तन, डिब्बे या टायर न रखें, या उल्टा करके रखें जिससे उनमें पानी जमा न हो
- डेंगू के मच्छर साफ पानी में पनपते हैं, इसलिए पानी की टंकी को भी अच्छी तरह बंद रखें
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लेखक के बारे में
By Anand Shekhar
Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.
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