पटना में खुलेगा देश का पहला "टॉयलेट कॉलेज", मंत्री ने बताया- मीठापुर से होगी स्वच्छता शिक्षा की शुरुआत
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 25 Jun 2025 8:04 AM
jivesh mishra
Bihar News: पटना के मीठापुर में जल्द ही देश का पहला "टॉयलेट कॉलेज" खुलने जा रहा है. नगर विकास विभाग की इस अनोखी पहल का उद्देश्य स्वच्छता को लेकर लोगों को वैज्ञानिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है. कॉलेज में थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों तरह की ट्रेनिंग दी जाएगी.
Bihar News: बिहार की राजधानी पटना अब स्वच्छता के क्षेत्र में एक नई इबारत लिखने जा रही है. मीठापुर में देश का पहला “टॉयलेट कॉलेज” खोलने की तैयारी पूरी हो चुकी है. नगर विकास एवं आवास विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है. इस अनूठी पहल की घोषणा नगर विकास मंत्री जिवेश कुमार ने की, जिन्होंने विभागीय समीक्षा बैठक में बताया कि यह कॉलेज लोगों को स्वच्छता और साफ-सफाई के प्रति वैज्ञानिक व प्रमाणिक जानकारी देगा.
क्यों जरूरी है टॉयलेट कॉलेज?
दरअसल, स्वच्छता को लेकर दुनिया में सबसे आगे माने जाने वाले देश सिंगापुर के मॉडल से बिहार ने प्रेरणा ली है. मंत्री ने बताया कि सिंगापुर में साफ-सफाई के लिए अलग से यूनिवर्सिटी चलाई जाती है. वहां गए बिहार के अधिकारियों ने इस मॉडल को देखा और इससे काफी प्रभावित हुए. इसी अनुभव के आधार पर पहले चरण में एक टॉयलेट कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया है.
कॉलेज में थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों कोर्स होंगे. शुरुआत में स्वच्छता वॉलंटियर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैला सकें. अगर यह मॉडल सफल रहता है, तो इसे बिहार के अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा.
गंगा पथ पर पार्किंग और पार्क से वसूला जाएगा शुल्क
बैठक में पटना स्मार्ट सिटी मिशन और नमामि गंगे परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा हुई. मंत्री ने बताया कि गंगा पथ को विकसित करने के लिए वेंडिंग जोन, पार्क और पार्किंग क्षेत्र बनाए जा रहे हैं. अब इन सुविधाओं को रेवेन्यू मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिसमें पार्क और पार्किंग का उपयोग करने वालों से शुल्क वसूला जाएगा.
मौर्यालोक में बनेगा डीलक्स टॉयलेट
मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स के पुनरुद्धार कार्यक्रम के तहत अत्याधुनिक डीलक्स शौचालय का निर्माण किया जाएगा. साथ ही बिहारशरीफ, भागलपुर और मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा हुई. मंत्री ने सभी लंबित परियोजनाओं को 31 जुलाई तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया है.
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