निगम का बजट बढ़ा, पर नहीं बदली शहर की तस्वीर
Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 01 Mar 2020 6:54 AM
नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में करीब 650 करोड़ रुपये का बजट बनाया, जो वित्तीय वर्ष 2019-20 में बढ़ कर 4500 करोड़ हो गया. लेकिन, शहर की नागरिक व मूलभूत सुविधाओं की स्थिति जस-की-तस बनी रही.
पटना : नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में करीब 650 करोड़ रुपये का बजट बनाया, जो वित्तीय वर्ष 2019-20 में बढ़ कर 4500 करोड़ हो गया. लेकिन, शहर की नागरिक व मूलभूत सुविधाओं की स्थिति जस-की-तस बनी रही. बड़े बजट आकार के बावजूद जनहित की योजनाएं धरातल पर नहीं उतर पायीं. निगम प्रशासन एक बार फिर आगामी बजट की तैयारी में जुट गया है. संभावना है कि अगला बजट 4200 से 4300 करोड़ का होगा.
नहीं बन सकीं कॉलोनियों की स्मार्ट सड़कें : निगम क्षेत्र की 532 कॉलोनियों की 2530 किमी सड़कों को स्मार्ट रोड बनाने के साथ-साथ ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने की योजना बनायी. प्रथम चरण में 1249 करोड़ की लागत से 100 कॉलोनियों की सड़कें व ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करना था. लेकिन, एक भी कॉलोनी की सड़कें व ड्रेनेज दुरुस्त नहीं हुई. अब भी बारिश का पानी निकालना मुश्किल है.
बजट कॉपी में सिमट रहा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स : निगम ने आंतरिक राजस्व बढ़ाने को लेकर तीन कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना बनायी. इस योजना पर खर्च होने वाली राशि का प्रावधान बजट में किया गया. इसमें 37.5 करोड़ से भंवर पोखर, 66.43 करोड़ से आर्य कुमार रोड और 113.99 करोड़ से राजेंद्र नगर कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाया जाना है. 11 माह बाद भी एक भी कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स पर काम शुरू नहीं किया जा सका है.
जनहित की योजना पर नहीं शुरू हुआ काम
निगम प्रशासन अब फिर से वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए बना रहा है बजट 4200 से 4300 करोड़ का बजट पारित होने की है संभावना
निगम क्षेत्र में 25 करोड़ की लागत से 500 मॉड्यूलर टॉयलेट बनाने की योजना बनायी गयी. ताकि, शहर साफ-सुथरा होने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर सुविधा मिले. इस योजना के तहत शहर में करीब 72 जगहों पर मॉड्यूलर टॉयलेट बनाये गये, जो अब तक खुले नहीं हैं. वहीं, मुहल्लों में रहने वाले लोगों को बेहतर सामुदायिक हॉल मिले, इसको लेकर 50 लाख की लागत से एक हॉल बनाने की योजना बनायी गयी. लेकिन, दोनों जनहित की योजनाएं फाइलों से बाहर नहीं निकली हैं.
नहीं सुधरी शहर की पार्किंग व्यवस्था
निगम क्षेत्र में चिह्नित पार्किंगों की संख्या 55 के करीब है, जिन्हें बेहतर करने की योजना बनायी गयी. शहर में कहां-कहां पार्किंग हैं और किस पार्किंग में जगह उपलब्ध है, इसकी सूचना आम लोगों को मोबाइल एप के जरिये मिलती. लेकिन, अब तक पुरानी व्यवस्था ही है
लटकी है कच्ची नाली-गली व नल का जल योजना
निगम के वार्डों में कच्ची नाली-गली व नल का जल योजना के तहत 3800 योजनाएं बनायी गयीं. इन योजनाओं को 300 करोड़ की लागत से पूरा करना है. लेकिन, अब तक 30% योजनाएं भी पूरी नहीं हो सकी हैं. स्थिति यह है कि मुहल्ले की सड़कें टूटी-फूटी हैं और लोगों के घरों में गंदा पीने का पानी पहुंच रहा है.
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By Pritish Sahay
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