Coronavirus in Bihar: राजधानी पटना में कोरना से अब तक 56 मौतें, पर दो मामलों में ही मिला मुआवजा

Updated at : 06 Aug 2020 12:11 PM (IST)
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Coronavirus in Bihar: राजधानी पटना में कोरना से अब तक 56 मौतें, पर दो मामलों में ही मिला मुआवजा

Coronavirus in Bihar पटना जिले में अब तक 56 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है. लेकिन अभी तक मात्र दो लोगों के परिवार को ही चार लाख की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष से मिली है.

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पटना : पटना जिले में अब तक 56 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है. लेकिन अभी तक मात्र दो लोगों के परिवार को ही चार लाख की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष से मिली है. किसी भी व्यक्ति की कोरोना से मृत्यु के बाद मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलने वाली राशि के लिए आवश्यक कागजात बनाने और उसे संबंधित विभाग को भेजने की कार्रवाई बहुत धीमी है.

इसके लिए संबंधित अंचल के अंचलाधिकारी को तमाम कागजात को पूरा कर अंचल से एसडीओ के माध्यम से जिले में भेजने की जिम्मेदारी दी गयी है. लेकिन बेलछी और आलमगंज के एक-एक व्यक्ति के कागजात को ही अब तक जिला आपदा विभाग में भेजा गया है, जहां से आगे अनुशंसा कर दी गयी और दोनों व्यक्तियों के परिजनों को चार लाख की सहायता राशि मुख्यमंत्री राहत कोष से दे दी गयी है.

अंचलाधिकारी को बनानी है सूची : अंचलाधिकारी को इस मामले में कोरोना से मृत व्यक्ति के परिजनों की पारिवारिक सूची बनानी है और उसमें स्पष्ट करना है कि राशि किसे दी जायेगी. उसे संबंधित व्यक्ति के प्रतिनिधि के संबंध में पूरी जानकारी लेना व परिवार के अन्य लोगों से नो ऑब्जेक्शन लेकर उसे एसडीओ के पास भेजने का काम सौंपा गया है. एसडीओ उस फाइल को जिला आपदा विभाग में भेजेंगे और फिर वहां से मुख्यमंत्री राहत कोष के संबंधित अधिकारियों को भेज दिया जायेगा. अगर जिले से अनुशंसित होकर कोई भी कागजात जाता है, तो नियमानुसार राशि संबंधित व्यक्ति के परिजनों को दिये जाने का प्रावधान है.

एक तरह से अंचलाधिकारी को ही उससे संबंधित फाइल खोलनी है. लेकिन अभी तक मात्र दो लोगों के ही तमाम कागजात जिला आपदा विभाग को भेजे गये हैं. सूत्रों के अनुसार, करीब एक माह से अधिक समय से अंचलाधिकारी की पोस्टिंग को लेकर अंचल में सही ढंग से काम नहीं हो पा रहा था. इसके कारण भी इस मामले में विलंब हुआ है. आपदा के अपर समाहर्ता मृत्युंजय कुमार ने बताया कि अभी तक दो लोगों को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता राशि दी जा चुकी है. कागजात आने पर तुरंत ही उसे आगे कार्रवाई के लिए भेज दिया जाता है.

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