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72 एकड़ में बने बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय के उद्घाटन से पहले क्या बोले सीएम नीतीश? राजस्थान के गुलाबी पत्थरों से बना भव्य स्तूप

Updated at : 28 Jul 2025 11:01 AM (IST)
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CM Nitish Gift Buddha Samyak Darshan Museum built on 72 acres be inaugurated

सीएम नीतीश और बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप की तस्वीर

CM Nitish Gift: 29 जुलाई 2025 को वैशाली जिले में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप का लोकार्पण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे. भव्य तरीके से बनाए गए संग्रहालय की तस्वीरों को सीएम नीतीश ने सोमवार को पोस्ट करते हुए जमकर सराहना की.

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CM Nitish Gift: बिहार के वैशाली जिले में बने बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 29 जुलाई को करेंगे. इस समारोह में दुनिया के करीब 15 देशों के बौद्ध धर्मावलंबी और बौद्ध भिक्षु शामिल होंगे. सोमवार को सीएम नीतीश कुमार ने भव्य संग्रहालय की तस्वीरों को सोशल मीडिया के जरिये शेयर किया और खुशी जाहिर की. सीएम नीतीश ने लिखा कि, “यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप, वैशाली का 29 जुलाई 2025 को लोकार्पण होने जा रहा है. यह हम सभी बिहारवासियों के लिए गौरव का क्षण होगा.”

72 एकड़ में तैयार हुआ संग्रहालय

आगे सीएम नीतीश ने यह भी बताया कि, “मैंने बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप के निर्माण कार्य का लगातार निरीक्षण किया ताकि निर्माण कार्य विशिष्ट ढंग से जल्द से जल्द पूर्ण हो सके. 72 एकड़ भूमि पर इस भव्य स्तूप का निर्माण राजस्थान के गुलाबी पत्थरों से किया गया है. इस परिसर का स्वरूप पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी काफी अच्छा बनाया गया है ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को सुखद अनुभूति हो.”

भगवान बुद्ध की अस्थि कलश स्थापित

जानकारी के मुताबिक, बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप के पहले फ्लोर पर भगवान बुद्ध का पावन अस्थि कलश स्थापित किया गया है, जो स्मारक का प्रमुख केंद्र बिंदु होगा. भगवान बुद्ध का अस्थि अवशेष 6 जगहों से प्राप्त हुआ जिसमें वैशाली के मड स्तूप से जो अस्थि अवशेष मिले वह सबसे प्रामाणिक है, जिसका जिक्र चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी अपनी पुस्तक में किया है.

बिहार की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक

सीएम नीतीश ने अपने पोस्ट में लिखा कि “वैशाली ऐतिहासिक और पौराणिक भूमि है, जिसने दुनिया को पहला गणतंत्र दिया. यह नारी सशक्तीकरण की भी भूमि रही है. बौद्ध धर्मावलंबियों के संघ में पहली बार यहां महिलाओं को शामिल किया गया. यह स्तूप बिहार की सांस्कृतिक धरोहर और वैश्विक बौद्ध विरासत का भव्य प्रतीक है. बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप न केवल वैशाली को वैश्विक बौद्ध मानचित्र पर प्रतिष्ठित करेगा बल्कि पर्यटन, संस्कृति और रोजगार को भी नई दिशा देगा.”

रविवार से ही पहुंच रहे बौद्ध भिक्षु

इधर, उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए बौद्ध भिक्षु वैशाली पहुंचने लगे हैं. थाई मंदिर के व्यवस्थापक रवि किशन ने बताया कि थाईलैंड से चालीस बौद्ध भिक्षुओं का जत्था रविवार को वैशाली पहुंचा है. वहीं, उद्घाटन समारोह में शामिल होने थाईलैंड से और लगभग 100 बौद्ध भिक्षुओं को आने की संभावना है. उद्घाटन समारोह में चीन, जापान, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल, तिब्बत, म्यांमार, भूटान, वियतनाम, कंबोडिया, सहित लगभग 15 देशों से लगभग हजारों बौद्ध भिक्षुओं के आने की संभावना है. साथ ही वैशाली के कई होटलों में बौद्ध भिक्षुओं को ठहरने को लेकर बुकिंग कराई गई है.

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Preeti Dayal

लेखक के बारे में

By Preeti Dayal

डिजिटल जर्नलिज्म में 3 साल का अनुभव. डिजिटल मीडिया से जुड़े टूल्स और टेकनिक को सीखने की लगन है. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं. बिहार की राजनीति और देश-दुनिया की घटनाओं में रुचि रखती हूं.

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