मोबाइल की रोशनी में पढ़ने को मजबूर बच्चे

Updated at : 03 Jul 2024 12:56 AM (IST)
विज्ञापन
मोबाइल की रोशनी में पढ़ने को मजबूर बच्चे

मसौढ़ी. धनरूआ प्रखंड का एक ऐसा विद्यालय है, जहां शिक्षकों को मोबाइल की रोशनी में बच्चों को पढ़ाना पड़ रहा है.

विज्ञापन

मसौढ़ी.

धनरूआ प्रखंड का एक ऐसा विद्यालय है, जहां शिक्षकों को मोबाइल की रोशनी में बच्चों को पढ़ाना पड़ रहा है. प्रखंड के सकरपुरा स्थित वासुदेव सिंह मध्य विद्यालय का है यह हाल. दरअसल विद्यालय के कमरे में काफी अंधेरा रहता है. चुकी आसपास धनी आबादी हो गयी है. प्राचार्य रमेंद्र कुमार व शिक्षिका खुशबू कुमारी का कहना है कि विद्यालय में बिजली कनेक्शन होने के बाबजूद तकनीकि वजह से वोल्टेज काफी कम रहता है. उनका कहना था कि बरसात में काफी अंधेरा कमरे में पसर जाता है, लिहाजा बच्चों को पढ़ाने के वक्त मोबाइल की रोशनी जलानी मजबूरी हो जाती है. अगर रोशनी नही जलायी जाये तो बच्चो को कुछ दिखाई नही देगा. विद्यालय के छात्रों में ब्यूटी कुमारी, मंजू कुमारी, स्वीटी कुमारी, गौरव कुमार, प्रिंस कुमार समेत अन्य छात्रों ने बताया कि कमरे में अंधेरा होने कि वजह से कुछ दिखायी नही देता. शिक्षक द्वारा मोबाइल का टार्च जलाकर हमलोगों को पढ़ाया जाता है. विद्यालय के प्रधानाध्यापक रमेंद्र कुमार ने बताया कि विद्यालय में चार कमरा है सभी बदहाल स्थिति में है. क्लास में अंधेरा हो जाने कि वजह से टार्च जलाकर पढ़ाना हमलोगों कि मजबूरी हो जाती है. उनका कहना था कि ऐसी स्थिति बरसात व जाडे के दिनों में ही रहती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन